जिला महिला अस्पताल में हंगमा करते परिजन।
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गोरखपुर महिला अस्पताल के 100 शैया के एमसीएच विंग में भर्ती आठ महिलाओं की बृहस्पतिवार की देर रात एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने से हालत बिगड़ गई। एक-एक करके महिलाओं को मितली, चक्कर, उल्टी, खुजली सहित अन्य परेशानियां होने लगीं।
इस पर महिलाओं के परिजनों ने करीब तीन घंटे तक हंगामा कर दिया। इस पर वहां मौजूद नर्स भागने लगीं, जिस पर बहस भी हुई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। किसी तरह नर्स अस्पताल से बाहर आ गईं।
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सूचना पर पहुंची पुलिस और अस्पताल के एसआईसी डॉ जयकुमार ने तत्काल महिलाओं को एंटी एलर्जी इंजेक्शन लगवाया तब जाकर उनकी हालत में सुधार हुआ। समाचार लिखे जाने तक महिलाओं की हालत खतरे से बाहर थी। वह अस्पताल में ही भर्ती हैं।
महिला अस्पताल एसआईसी डॉ जयकुमार ने कहा कि कुछ मरीजों को एंटीबायोटिक का हल्का रिएक्शन हुआ था। इस वजह से मरीज डर गए थे। एंटीबायोटिक इंजेक्शन में यह सामान्य बात है। मरीजों के हंगामा करने की वजह से दूसरे मरीज अनावश्यक डर गए थे। सभी को एंटी एलर्जी का इंजेक्शन एहतियात के तौर पर लगा दिया गया है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। सभी स्वस्थ हैं।