- किशोर के दाहिने पैर में घुटने के पास हुआ था फ्रैक्चर
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को 15 वर्षीय एथलीट की दुर्लभ और जटिल सर्जरी की गई। सड़क हादसे में किशोर के दाहिने पैर की हड्डी टूटने के साथ घुटने के दोनों प्रमुख लिगामेंट (एसीएल और पीसीएल) भी फट गए थे। डॉक्टरों ने सर्जरी के दौरान फ्रैक्चर ठीक करने के साथ दोनों लिगामेंट की मरम्मत की।
हड्डीरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. पवन प्रधान ने बताया कि किशोर के दाहिने पैर में घुटने के पास फ्रैक्चर हुआ था। साथ ही जांघ और पैर की हड्डियों को जोड़ने वाले एसीएल और पीसीएल लिगामेंट क्षतिग्रस्त थे। किशोर एथलेटिक्स खिलाड़ी है और उसकी हड्डियों की वृद्धि अभी जारी है। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि भविष्य में पैर की लंबाई या बनावट पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। डॉ. प्रधान के अनुसार, इस तरह की सर्जरी सामान्यतः वयस्क मरीजों में की जाती है। बढ़ती उम्र के किशोर में सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण था। डॉक्टरों ने ग्रोथ प्लेट को नुकसान से बचाने के साथ भविष्य में पैर की सामान्य वृद्धि सुनिश्चित करने की रणनीति अपनाई।
घुटने में अत्यधिक सूजन और जकड़न यानी आर्थ्रोफाइब्रोसिस के खतरे को कम करने के लिए ऑपरेशन को दो चरणों में विभाजित किया गया। पहले चरण में फ्रैक्चर का फिक्सेशन और पीसीएल की मरम्मत की गई। दूसरे चरण में एसीएल रिकंस्ट्रक्शन के साथ जोड़ के कैप्सूल की सफाई और मरम्मत की गई। ऑर्थोपेडिक्स विभाग की टीम में डॉ. पवन प्रधान के साथ डॉ. सुरेंद्र और डॉ. नवीन शामिल रहे। वहीं, डॉ. अभिज्ञाषा के नेतृत्व में एनेस्थीसिया टीम ने सर्जरी के दौरान मरीज को बेहोश रखने की जिम्मेदारी संभाली। डॉक्टरों के अनुसार, किशोर की उम्र और खिलाड़ी होने के कारण ऑपरेशन में भविष्य की शारीरिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए उपचार किया गया।