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जानिए कैसे स्वयं सेवक बनकर कोरोना से लड़ सकते हैं जंग, तरीका जानकर आप भी करेंगे सलाम

Thu, 11 Jun 2020 05:26 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वयं सेवकों के पर्यवेक्षण के लिए कमेटी गठित
  • ऑनलाइन पंजीकरण कर 21 से 30 साल का कोई नौजवान बन सकता है स्वयंसेवक
  • प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करेगा जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग
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फाइल फोटो। - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोविड-19 महामारी से लड़ाई में सरकार ने युवा स्वयं सेवकों का सहयोग लेने की तैयारी की है। इसी कड़ी में स्वयंसेवकों के सहयोग और पर्यवेक्षण के लिए गोरखपुर जिला प्रशासन ने 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन खुद कर रहे हैं। यह कमेटी ऐसे सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी करेगी।

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इस कार्य के लिए किसी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि 21 से 30 साल की उम्र के बीच का कोई भी युवा ऑनलाइन पंजीकरण करके कोविड-19 स्वयंसेवक बन सकता है।

स्वयंसेवक पर्यवेक्षण कमेटी में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय और राष्ट्रीय कैडेट कोर से ब्रिगेडियर जेएस पुरोहित शामिल हैं।
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद और महानिदेशक स्वास्थ्य रूकुम केश से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वयं सेवकों की सहायता ली जाएगी। इनका मुख्य योगदान कोरोना से बचाव व राहत कार्य में होगा।

निगरानी समिति में सहयोग के अलावा यह लोग प्रचार-प्रसार में भी मदद करेंगे। जिन होम क्वारंटीन परिवारों के घर पर आशा कार्यकर्ता द्वारा फ्लायर नहीं लगाया गया होगा, वहां फ्लायर लगवाना भी सुनिश्चत कराएंगे। कोरोना के संभावित मरीजों के बारे में सूचना उपलब्ध कराना भी इनका दायित्व होगा।

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यहां होगा पंजीकरण

मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि स्वयंसेवक बनने के लिए डीजीएमएचयूपीडॉटजीओवीडॉट इन/ईएन/वालंटियररजिस्ट्रेशन नामक लिंक पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है। इनकी स्वयं सेवा की अवधि प्रारंभ में तीन महीने की होगी जिसे कोविड-19 के दृष्टिगत विस्तारित किया जा सकता है। सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
 
एंड्रायड फोन आवश्यक
शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार इन वालंटियर्स के पास स्वयं का एंड्रायड अथवा स्मार्ट फोन होना चाहिए। इनका संप्रेषण कौशल भी अच्छा होना चाहिए। इन स्वयं सेवकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई जाएगी। इनकी गतिविधियों की रिपोर्टिंग के लिए विभाग द्वारा टूल या एप्लीकेशन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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