फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर में सभी दुकानों का खोलना अभी संभव नहीं, जानें क्या है खास वजह

Fri, 08 May 2020 09:18 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
शासन से छूट मिलने के बाद मोटर पार्ट्स की खुली दुकानें। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने कहा कि अभी शहर की सभी दुकानों को खोलना संभव नहीं है। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सावधानी जरूरी है। अलग-अलग चरणों में ही शहर की अन्य श्रेणी की दुकानें खोली जा सकती हैं। उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता है। इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।  

विज्ञापन


कमिश्नर ने बृहस्पतिवार को कैंप कार्यालय में उद्योगपतियों और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मुख्य रूप से उद्योगों को रॉ मैटेरियल की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों, दूसरे जनपदों में फंसे गोरखपुर के उद्योगों में काम करने वाले वर्करों को लाने और शहर की सभी तरह की दुकानों को खोलने को लेकर चर्चा की।

चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया ने कहा कि जब तक उद्योगों की सभी कड़ियां आपस में नहीं जुड़ेंगी, तब तक उद्योगों के पहिए तेजी से नहीं चल पाएंगे। ऐसे में रॉ मैटेरियल सप्लाई करने वाली सारे श्रेणी की दुकानों को खोलना जरूरी है।

विज्ञापन

अभी तक फुटवियर, टेक्सटाइल और आरा मशीन आदि नहीं खुल पाई हैं। ऐसे में गीडा के सभी उद्योग संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इसपर कमिश्नर ने दो टूक कहा कि कोरोना वायरस की गंभीर चुनौती से निपटने का प्रयास किया जा रहा है। एक साथ सभी दुकानों को खोल पाना अभी संभव नहीं है।

इस बीच चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने फैक्ट्रियों से माल लेकर आने वाली गाड़ियों को बेवजह रोके जाने का मामला उठाया और कहा कि पुलिस कर्मी जांच-पड़ताल के नाम पर मनमानी कर रहे हैं। इससे माल की सप्लाई में दिक्कत हो रही है।

बैठक में मौजूद एसएसपी ने इस समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि फैक्ट्रियों के संचालन में हर तरह की सावधानी बरती जानी चाहिए। बैठक में गोरखपुर मंडल के अलग-अलग जिलों के  डीएम, एसपी, सीडीओ, उपायुक्त उद्योग आदि शामिल रहे।
विज्ञापन

दूसरे जिले में फंसे गीडा के कर्मचारियों को लाने की जिम्मेदारी उपायुक्त उद्योग को

गीडा के आईवी फ्लूड्स के संदीप अग्रवाल ने रुड़की में फंसे अपने इंजीनियर के लाने में आ रही दिक्कतों के संबंध में जानकारी दी। कहा कि फैक्ट्री का सही ढंग से संचालन नहीं हो रहा है। कमिश्नर ने उपायुक्त उद्योग को कर्मचारी को लाने की व्यवस्था करने के साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों के सभी स्टील दुकानों को खुलवाने का व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया।

जिले में तकरीबन 50 प्रतिशत छोटे बड़े उद्योग खुले
बैठक के दौरान उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने बताया कि गोरखपुर जिले में पंजीकृत 31335 हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत उद्योग शुरू हो गए हैं। शहरी क्षेत्र में 3081 और ग्रामीण इलाके में 11360 उद्योगों में काम होने लगा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें