अभी तक फुटवियर, टेक्सटाइल और आरा मशीन आदि नहीं खुल पाई हैं। ऐसे में गीडा के सभी उद्योग संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इसपर कमिश्नर ने दो टूक कहा कि कोरोना वायरस की गंभीर चुनौती से निपटने का प्रयास किया जा रहा है। एक साथ सभी दुकानों को खोल पाना अभी संभव नहीं है।
इस बीच चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने फैक्ट्रियों से माल लेकर आने वाली गाड़ियों को बेवजह रोके जाने का मामला उठाया और कहा कि पुलिस कर्मी जांच-पड़ताल के नाम पर मनमानी कर रहे हैं। इससे माल की सप्लाई में दिक्कत हो रही है।
बैठक में मौजूद एसएसपी ने इस समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि फैक्ट्रियों के संचालन में हर तरह की सावधानी बरती जानी चाहिए। बैठक में गोरखपुर मंडल के अलग-अलग जिलों के डीएम, एसपी, सीडीओ, उपायुक्त उद्योग आदि शामिल रहे।
गीडा के आईवी फ्लूड्स के संदीप अग्रवाल ने रुड़की में फंसे अपने इंजीनियर के लाने में आ रही दिक्कतों के संबंध में जानकारी दी। कहा कि फैक्ट्री का सही ढंग से संचालन नहीं हो रहा है। कमिश्नर ने उपायुक्त उद्योग को कर्मचारी को लाने की व्यवस्था करने के साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों के सभी स्टील दुकानों को खुलवाने का व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया।
जिले में तकरीबन 50 प्रतिशत छोटे बड़े उद्योग खुले
बैठक के दौरान उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने बताया कि गोरखपुर जिले में पंजीकृत 31335 हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत उद्योग शुरू हो गए हैं। शहरी क्षेत्र में 3081 और ग्रामीण इलाके में 11360 उद्योगों में काम होने लगा है।