कमिश्नर सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते कमिश्नर अनिल ढींगरा।
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कमिश्नर अनिल ढींगरा ने निर्माण कार्यों में सुस्ती पर जमकर नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को उन्होंने अपने कार्यालय सभागार में जुटे अधिकारियों से जब पूछा कि निर्माण कार्याें वाले रास्तों पर अभी तक बिजली के तार-खंभों की शिफ्टिंग क्यों नहीं हुई तो वे बगले झांकने लगे।
कमिश्नर ने सड़कों के चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण और रजिस्ट्री, पेड़ कटाई में देरी की वजह भी पूछी। कोई भी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। कमिश्नर ने तीन अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है।
दरअसल, कमिश्नर ने बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे अपने सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए संबंधित सभी अधिकारियों को बुला लिया। उन्होंने जिले में 10 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की समीक्षा शुरू की। निर्माण कार्यों में बरती जा रही ढिलाई पर नाराजगी जताई। इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम और वन विभाग के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं सके। तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कमिश्नर ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि भूमि अधिग्रहण शीघ्र कराएं और निर्माण कार्येां के बीच आने वाले बिजली के खंभे व तार जल्द हटवाएं। कमिश्नर ने विकास के कार्यों में आने वाली बाधाओं को संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर तेजी से निस्तारित करने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि समय से काम को पूरा कराएं। सेतु निगम के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा में कार्य प्रगति पर मिला। इसे समय तय सीमा में पूरा करने का दावा अधिकारियों ने किया।
बैठक में एनएचएआई, यूपी राजकीय निर्माण निगम, आवास विकास, पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम, सीएनडीएस, यूपीडा, जल निगम (नगरीय), यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड सहित अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा हुई। इस दौरान सीडीओ संजय कुमार मीना, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर कुमार सौरभ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।