कमिश्नर ने कहा कि गर्मी के मौसम में नदी में नहाने के दौरान बच्चों के डूबने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन पर थानाध्यक्ष, मोबाइल नंबर और एनडीआरएफ नंबर अंकित होगा। गांवों में चौपाल लगाकर अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा।
रामगढ़ताल इलाके क्षेत्र के अजवनिया गांव के पास बृहस्पतिवार सुबह सड़क हादसे में एनएचएआई की गंभीर लापरवाही सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मरम्मत कार्य के नाम पर हाईवे की एक लेन बिना पूर्व सूचना के बंद कर दी गई थी।
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दोनों दिशाओं के वाहनों को एक ही लेन से निकाला जा रहा था, लेकिन मौके पर न तो पर्याप्त साइनेज लगाए गए थे और न ही डायवर्जन संबंधी बोर्ड सही तरीके से लगाए गए थे। इसी अव्यवस्था के कारण दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
हादसे के बाद शुक्रवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा ने जिले में चल रहे निर्माण कार्यों, मिट्टी खनन और उसके सुरक्षित परिवहन को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि मिट्टी परिवहन कर रहे डंपरों की ओवरस्पीडिंग और बिना ढके मिट्टी ढोने से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं के लिए मिट्टी खनन कर रहे कई ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं और निर्धारित मात्रा से अधिक मिट्टी निकालकर उसे बेच रहे हैं। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि रात में मिट्टी ढोने वाले डंपरों की विशेष चेकिंग की जाए और जिन वाहनों के कागजात वैध न हों, उन्हें तत्काल सीज किया जाए।
वहीं, रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बसें केवल बस स्टैंड के भीतर ही खड़ी हों। यदि कोई बस स्टैंड के बाहर सवारी भरते पकड़ी गई तो चालक और परिचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। डीएम दीपक मीणा ने खनन अधिकारी को निर्देश दिया कि पट्टाधारकों के खनन स्थलों का स्वयं निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित सीमा से अधिक खनन न हो।
डीआईजी डॉ. एस चनप्पा ने कहा कि गांव छोड़कर बाहर गए लोगों की जमीनों पर अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे मामलों में सख्त जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
बैठक में यह भी सामने आया कि टोल बचाने के लिए डंपर चालक गांवों के अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मार्गों को चिह्नित कर वहां मजबूत बैरियर लगाने के निर्देश एनएचएआई को दिए गए हैं। कमिश्नर ने कहा कि भविष्य में डंपर से किसी की मौत होने पर चालक, वाहन मालिक और संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए।
बैठक में डीएम दीपक मीणा, डीआईजी डॉ. एस चनप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटील, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, आरटीओ, रोडवेज और खनन विभाग के अधिकारी सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
दुर्घटना वाले क्षेत्रों में लगाएं चेतावनी बोर्ड
कमिश्नर ने कहा कि गर्मी के मौसम में नदी में नहाने के दौरान बच्चों के डूबने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन पर थानाध्यक्ष, मोबाइल नंबर और एनडीआरएफ नंबर अंकित होगा। गांवों में चौपाल लगाकर अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा।