नोडल अफसर डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में सात ऐसे मरीज आए, जिनमें बुखार के साथ डेंगू के भी संभावित लक्षण थे। इनकी जांच कराकर दो लोगों को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य पांच लोगों को बुखार की दवा और ओआरएस का पैकेट देकर घर भेजा गया।
मरीजों को घर में ही आराम करने की सलाह दी गई। डॉ. राजेश ने बताया कि इस वक्त वायरल बुखार के मामले भी तेजी से फैल रहे हैं। इसलिए अगर बुखार होने पर प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं और थकान महसूस हो रही है तो एक बार डेंगू की जांच जरूर करा लें।
मेडिकल कॉलेज में भी डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड आरक्षित
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में आए दिन डेंगू के संभावित रोगी आते हैं। जांच कर उनका इलाज भी किया जा रहा है। अब शासन के निर्देश पर वार्ड नंबर छह को डेंगू वार्ड बनाया गया है। इसमें कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। नेहरू चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. राजेश कुमार राय ने बताया कि डेंगू मरीजों के लिए वार्ड बनाया गया है। मेडिसिन विभाग में इलाज व पैथोलॉजी में जांच की सुविधा भी मिल रही है।
डेंगू पीड़ितों की संख्या कम नहीं हो रही है। सोमवार को भी पांच लोग डेंगू पीड़ित मिले। इनमें चार शहर तथा एक ग्रामीण क्षेत्र का है। अब जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या 39 हो गई है, जबकि मलेरिया विभाग के आंकड़ों में यह संख्या 37 है। मलेरिया विभाग बीआरडी में मिले मरीजों को अपने आंकड़े में शामिल नहीं कर रहा है।
जिला अस्पताल में मिले चार रोगियों में से दो राप्तीनगर व एक जगरनाथपुर इलाके का निवासी है। एक मरीज खजनी क्षेत्र का है। इसके अलावा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मिला एक मरीज भी शहर का ही रहने वाला है। जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को सोमवार को स्वस्थ होने पर घर भेजा गया। जिले में 15 अगस्त के बाद से ही लगातार डेंगू के मरीज मिल रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि सोमवार को 1362 जगह सोर्स रिडक्शन किया गया। तीन जगह लार्वा मिलने पर मकान मालिकों को नोटिस जारी किया गया। अब तक 30 लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अब तक 4775 लोगों की डेंगू जांच की जा चुकी है। इनमें 3961 लोगों की जांच एनएस1आरडीटी किट से और 814 लोगों का एलाइजा टेस्ट कराया गया है।
जिला अस्पताल के डेंगू के नोडल अफसर डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि वार्ड में भर्ती पादरी बाजार क्षेत्र का एक मरीज अब पूरी से स्वस्थ है। सोमवार को इस मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।