भारत नेपाल सीमा पर कोरोना वायरस जांच कैंप में व्यवस्था का जायजा लेने मंगलवार की दोपहर मंडलायुक्त जयंत नार्लीकर एवं डीआईजी राजेश डी मोदक पहुंचे। अधिकारियों ने सुरक्षा एवं बचाव की जानकारी ली। नेपाल से भारत आने जाने वाले लोगों की हो रही स्क्रीनिंग व्यवस्था के बारे में पूछताछ के साथ ही जांच की प्रक्रिया को देखा।
कमिश्नर ने संबंधित चिकित्सकों को बेहतर ढंग से जांच करने का निर्देश दिया। वहीं राम नवमी पर हर वर्ष हज़ारो को संख्या में नेपाल से श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए जाते हैं। जिसको देखते हुए कमिश्नर ने बताया कि 20 मार्च को लखनऊ में इसको लेकर उच्चस्तरीय बैठक होगी।
कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने बताया कि सरकार कोरोना से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रशासन की ओर से हर संभव व्यवस्था की गई है। नेपाल से लगी सोनौली सीमा से आने जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने लोगों को जागरूक करने की बात पर जोर देते हुए सजग रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ में जाने से परहेज करें। किसी से भी बातचीत करना हो तो कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रहें। हाथ को साबुन से बीस सेकेंड तक अवश्य धोएं। जरूरत हो तो मास्क भी लगाएं। अगर किसी को सर्दी-खांसी, जुखाम है तो वह खुद ही लोगों से दूरी बनाए। अपनी जांच कराए।
इस मौके पर डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार, एसपी रोहित सिंह सजवान, सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल, सीडीओ पवन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
14 हजार लोगों की की गई स्क्रीनिग
सोनौली सीमा पर भारत से नेपाल आने जाने वाले करीब 14 हजार यात्रियों की भारत और नेपाल के डॉक्टरो ने जांच की। मंडलायुक्त के दौरे के बाद जांच में और तेजी देखी गई। भारत से नेपाल जाने वाले ट्रक चालकों का स्क्रीनिंग किया गया।