कुछ दिनों तक अब डीएम, एडीएम और एसडीएम आदि प्रशासनिक अफसरों की कोर्ट में ज्यादा चहल-पहल नहीं दिखेगी। मामलों की सुनवाई के दौरान सिर्फ संबंधित अफसर और वाद से जुड़े दोनों पक्षों के अधिवक्ता मौजूद रहेंगे। बाकी किसी को कोर्ट में ठहरने नहीं दिया जाएगा।
इसे लेकर कोई नया शासनादेश नहीं जारी हुआ है बल्कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिला प्रशासन और अधिवक्ताओं की आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया है। इस संबंध में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन की तरफ से सभी एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और चकबंदी से जुड़े अफसरों को सोमवार को निर्देश जारी कर दिए गए।
कलेक्ट्रेट अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को डीएम से मुलाकात कर अपील की कि कोरोना के मद्देनजर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोर्ट में ज्यादा भीड़ न लगने पाए। डायस पर संबंधित अफसर के अलावा नीचे सिर्फ केस से संबंधित दोनों पक्षों के अधिवक्ता मौजूद रहें।
डीएम ने इस पहल की सराहना करते हुए तत्काल इस संबंध में सभी संबंधित अफसरों को निर्देश दिया। डीएम ने पूरे कलेक्ट्रेट परिसर, कोर्ट की रोजाना दो बार सफाई और दवाओं के छिड़काव का निर्देश दिया है।