दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय इस असमंजस में हैं कि परीक्षा कराएं या कक्षाएं चलाएं। महाविद्यालयों में च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत परीक्षा हो रही है तो दूसरी तरफ ऑफलाइन पढ़ाई के लिए विद्यार्थी आने लगे हैं। अगर परीक्षा के साथ कक्षाएं भी चलती हैं तो परीक्षा की शुचिता प्रभावित होगी। महाविद्यालयों ने विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध मार्गदर्शन मांगा है।
दरअसल, पहली बार स्नातक एवं परास्नातक प्रथम वर्ष की सीबीसीएस पैटर्न पर सेमेस्टर परीक्षाएं हो रहीं हैं। कोरोना संक्रमण के चलते अभी तक ऑनलाइन कक्षाएं चल रही थीं। ऐसे में परीक्षा कराने में कोई दिक्कत नहीं आई, लेकिन शासन ने सात फरवरी से ऑफलाइन पठन-पाठन का निर्देश जारी कर दिया। जिसके बाद स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष और परास्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी क्लास करने के लिए महाविद्यालयों में पहुंचने लगे हैं। परीक्षा कराएं या पढ़ाई, इसे लेकर महाविद्यालय के प्रबंधकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मार्गदर्शन मांगा है, लेकिन कोई निर्देश अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
महामंत्री स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा डॉ. सुधीर कुमार राय ने कहा कि सेमेस्टर परीक्षा के साथ ही कक्षाओं का संचालन कराना आसान नहीं है। इसे लेकर सभी महाविद्यालय के प्रबंधक और प्राचार्य परेशान हैं। कक्षा के साथ परीक्षा की शुचिता को बनाए रखना कठिन हो रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से कोई दिशा-निर्देश भी नहीं मिला है। विश्वविद्यालय इस संबंध में स्पष्ट गाइडलाइन जारी करे।
गोविवि कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद ने कहा कि परीक्षा के साथ कक्षाओं के संचालन का कार्य महाविद्यालय प्रबंधन को अपनी व्यवस्था से करना होगा। महाविद्यालय प्रशासन अपने परिसर को दो हिस्से में बांटकर परीक्षा के साथ कक्षाएं चला सकता है। इसके बाद भी कोई समस्या आती है तो विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क करें, उसका समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।