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गोरखपुर में कोका कोला बॉटलिंग प्लांट की खुली राह, प्रशासन ने तैयार किया खाका

Sun, 10 Jan 2021 09:15 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर में जल्द ही कोका कोला का बॉटलिंग प्लांट स्थापित हो सकता है। कोका कोला इंडस्ट्रीज की ओर से गोरखपुर में उद्योग स्थापित करने के लिए मांगी गई करीब 30 एकड़ जमीन की रूपरेखा तैयार हो गई है। 207 एकड़ में स्थापित किए जा रहे भीटी रावत इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग स्थापित करने के लिए गीडा प्रशासन ने प्लॉट आवंटन संबंधी विज्ञापन जारी कर दिया है।

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वहीं सरकार की नीति के अनुसार बड़े प्रोजेक्ट वाली कंपनियों को बिना इस में भाग लिए ही प्लॉट का आवंटन किया जा सकता है। शुद्ध प्लस कंपनी की ओर से भी बड़ा निवेश का प्रस्ताव गीडा प्रशासन को दिया गया है।

दरअसल, मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला का बॉटलिंग प्लांट देश के कई हिस्सों में है। कंपनी सीधे यह प्लांट लगाने की बजाय फ्रेंचाइजी देती है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या (फैजाबाद) में बॉटलिंग प्लांट मौजूद है। वहां प्लांट चलाने वाली फर्म ने गोरखपुर में भी प्लांट लगाने की इच्छा जताई है।
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इसके लिए फार्म की ओर से 32 एकड़ जमीन की मांग की गई थी। कंपनी ने करीब 200 करोड़ रुपए निवेश का भी प्रस्ताव दिया है। इस बात की भी उम्मीद जताई है कि कम से कम 500 लोगों को इस बॉटलिंग प्लांट में रोजगार मिलेगा। वही गीडा प्रशासन ने भीटी रावत में यह जमीन देने का प्रस्ताव दिया है।

 

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कुल 39 प्लॉटों का होगा आवंटन

भीटी रावत इंडस्ट्रियल एरिया करीब 207 एकड़ का होगा। फिलहाल इसमें सबसे बड़ा प्लॉट 25 एकड़ का और सबसे छोटा प्लॉट 1 एकड़ का है। कोका कोला इंडस्ट्रीज ने 30 एकड़ और शुद्ध प्लस कंपनी की ओर से 25 से 30 एकड़ जमीन की मांग की गई है। इस औद्योगिक क्षेत्र में शॉपिंग कंपलेक्स, डिस्पेंसरी, फायर स्टेशन आदि का भी निर्माण किया जाएगा।

गीडा सीईओ संजीव रंजन ने कहा कि भीटी रावत औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए प्लॉटों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्लॉटों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। कोका कोला बॉटलिंग प्लांट के अलावा शुद्ध प्लस की ओर से भी फैक्ट्री स्थापित करने के लिए प्लॉट की मांग की गई है। सरकार की औद्योगिक नीति के तहत मेगा प्लस श्रेणी के उद्योगों को आवंटन की प्रक्रिया में भाग लिए बिना भी भूखंड का आवंटन किया जा सकता है। इन कंपनियों से निवेश के संबंध में बात की जाएगी। उसी के आधार पर प्लॉट आवंटन संबंधी निर्णय होगा। उनके प्राजेक्ट के आधार पर उन्हें सीधे भूखंड आवंटित कर दिया जाएगा।
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