कटे मानव पैर को नाले में फेंकने का मामला, सीएमओ ने अस्पताल को भेजा नोटिस
गोरखपुर। तीन दिन पहले एक मरीज का ऑपरेशन कर काटा गया पैर बायोमेडिकल वेस्ट नियमों के तहत निस्तारित करने के बजाय नाले में फेंक दिया गया था। शहर के अग्रवाल हड्डी अस्पताल में यह गंभीर लापरवाही का मामला सामने के बाद जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अस्पताल की ओर से जवाब आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विभाग को जांच के लिए पत्र लिखा जाएगा। मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
उन्हें एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने साफ कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो मामला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दिया जाएगा, जहां से पूरे प्रकरण को लेकर जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। यदि मामला नियमों की अनदेखी का हुआ तो अस्पताल पर कार्रवाई हो सकती है। शुरुआती जानकारी में अस्पताल प्रबंधन ने इसे एक स्वीपर की लापरवाही बताया है।
हालांकि, विभाग इसे गंभीर उल्लंघन मान रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार, इस तरह मानव अंगों को खुले में फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने और विभिन्न बीमारियों के बढ़ने का खतरा रहता है। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। अस्पताल को नोटिस जारी कर दिया गया है और रिपोर्ट मांगी गई है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।