फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्शन मूड में सीएम योगी: जनता दरबार में ‘एक्शन’, पलक झपकते ही फैसला

Tue, 23 Mar 2021 11:27 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • दबंग का कब्जा हो या फिर थाने पर फरियाद की अनसुनी
  • हर मामले में एक्शन मूड में मुख्यमंत्री
विज्ञापन
जनता दरबार में फरियाद सुनते सीएम योगी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जमीन पर कब्जा हो या फिर थाने में फरियाद की अनसुनी करना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में मामला आया तो गाज गिरनी तय है। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से एक्शन हुए हैं, उससे सरकारी महकमे में हलचल मची है। फरियादियों के मन में न्याय की उम्मीद जगी है।

विज्ञापन


बात अगर गोरखपुर की करें तो यहां जनता दरबार में मामले आते ही उस पर कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी हर निर्देश पर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। शासन हो या प्रशासन, सबका सीधा संदेश है कि जनता को न्याय मिलना ही चाहिए।

शायद यही वजह है कि मुख्यमंत्री अब जांच की जगह सीधे कार्रवाई के लिए निर्देशित कर रहे हैं तो मातहत भी कमी मिलने पर पुलिस वालों पर गाज गिरा रहे हैं। यह कड़ी कार्रवाई का ही नतीजा है कि बीतों दिनों दुष्कर्म के मामले में फरियाद न सुनने पर पुलिस वालों पर केस दर्ज किया गया।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

केस एक

जनता दरबार में खोवा मंडी गली में जमीन पर कब्जा करने का मामला उठा तो मुख्यमंत्री ने कब्जा दिलाने का आदेश दिया। महज एक घंटे के भीतर प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और दबंग के कब्जे से जमीन को खाली कराकर फिर से फरियादी को सौंप दिया गया।

केस दो
कोतवाली इलाके में जनता दरबार में एक साथ तीन मामले आए और मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर की। इसकी जांच कराई गई तो कुछ मामले सही पाए गए, जिसके बाद इंस्पेक्टर जयदीप वर्मा को लाइन हाजिर कर उनकी जगह पर नई तैनाती कर दी गई।

केस तीन
बेलीपार की एक महिला ने हत्या के मामले में पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया। इस मामले में भी मुख्यमंत्री सख्त हुए। हालांकि अभी तक की जांच में हत्या के साक्ष्य नहीं मिले हैं, लेकिन विवेचना में कमी पाई गई, जिसके बाद गुलरिहा इंस्पेक्टर को हटाया गया।

केस चार
बस्ती जनपद में एक दरोगा ने लड़की को परेशान किया। उसने मना किया तो परिवार वालों पर कई मुकदमे दर्ज कर दिए गए। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया तो एसपी से लेकर दरोगा तक कार्रवाई हुई। दरोगा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और केस भी दर्ज किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें