मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, सहजनवां, गोरखपुर शहर, बांसगांव, खजनी, पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की जिन भी परियोजनाओं का बुधवार को लोकार्पण हुआ वे कोरोना काल में पूरी हुई। उन्होंने कहा कि जब देश में कोरोना की वजह से लॉकडाउन था तो प्रदेश सरकार ने कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए विकास कार्यो को भी जारी रखा। लोगों को जीवन बचाने के साथ उनकी जिविका भी बचाई। यह सिलसिला आज भी जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता, सरकार गरीब मजदूरों के परिवारों की चिंता करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने भी यूपी के मॉडल की सराहना की: योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में उत्तर प्रदेश सरकार देश भर से घर वापसी करने वाले 40 लाख प्रवासी कामगारों की स्किल मैपिंग कर उन्हें रोजगार उपबल्ध कराया। इस मॉडल की सुप्रीम कोर्ट ने सराहना की। ऐसे लोगों को आसान दरों पर विभिन्न योजनाओं में अनुदान पर ऋण उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि पीएम स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एक जिला एक उत्पाद योजना, पीएम स्टार्टअप योजना जैसे कई कार्यक्रम है जिनसे जुड़ कर स्थानीय स्तर पर रोजगार किया जा सकता है।
अक्तूबर में खाद कारखाने और एम्स का लोकार्पण करेंगे पीएम
लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि खाद कारखाना और एम्स का काम अब तकरीबन पूरा हो चुका है। अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनका लोकार्पण करेंगे। बता दें कि 2016 में प्रधानमंत्री ने ही मानबेला में आयोजित जनसभा के दौरान खाद कारखान और एम्स की आधारशिला भी रखी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद कारखाने से जहां पूर्वांचल के किसानों को सस्ती खाद मिलेगी वहीं, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसी तरह एम्स बन जाने से अब गोरखपुर समेत पूरे पूर्वांचल और बिहार से सटे इलाकों की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिल्ली, मुंबई या बंगलूरू नहीं जाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हो चुका है। यहां पर्यटन विकास की संभावनों को मजूबत करते हुए प्राचीन और पौराणिक महत्व के मंदिरों का पुनरुद्धार कराया जा रहा है। चाहे भौवापार का शिव मंदिर हो या फिर बांसगांव का मंदिर। पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने पर यहां जो भी लोग आएंगे। इससे आसपास के लोगों के लिए रोजगार का सृजन होगा।
जल्द ही रामगढ़ताल की ही तरह चिलुआताल की भी सूरत बदल जाएगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को चिलुवाताल के सुंदरीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया। इसपर 20.59 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कार्य सीएण्डडीएस कराएगा। चिलुआताल के जल को संरक्षित कर महानगर, एचयूआरएल खाद कारखाना और उससे आसपास के पेयजल की समस्या का समाधान भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
महापौर सीताराम जायसवाल, विधायक विपिन सिंह, शीतल पाण्डेय, महेन्द्र पाल सिंह, संगीता यादव, डॉ विमलेश पासवान, संत प्रसाद जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, डिप्टी मेयर ऋषि मोहन वर्मा, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, पूर्व महापौर सत्या पाण्डेय, हियुवा के प्रदेश महासचिव पीके मल्ल, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीएम के. विजयेन्द्र पांडियन, एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ऋगऋचा पाण्डेय ने किया।
कुछ प्रमुख कार्यों के लोकार्पण
- मुक्तेश्वरनाथ मंदिर का सुंदरीकरण कार्य: 2.19 करोड़
- सूर्यकुण्डधाम का सुंदरीकरण कार्य : 2.60 करोड़
- कालीबाड़ी मंदिर का सुंदरीकरण कार्य : 23.94 लाख
- मुंजेश्वरनाथ मंदिर भौवापार का सुंदरीकरण: 6.24 करोड़
- खजनी एवं बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में लोनिवि की 14 सड़कें: 15.14 करोड़
कुछ प्रमुख कार्यों के शिलान्यास
- चिलुवाताल सुंदरीकरण का कार्य: 20.59 करोड़
- नौसड़ से कालेसर तक गोरखपुर रोड के समानान्तर 8 किमी दूरी का सृदृढीकरण: 10.28 करोड़
- 15वां वित्त आयोग से सड़क एवं नाली-नाला निर्माण के 39 कार्य: 6.53 करोड़
- बड़े गहरे एवं मिनी नलकूपों के निर्माण के 7 कार्य: 8.67 करोड़