सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और योजनाओं में महिलाएं केंद्र बिंदु हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार जितनी भी जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही हैं, उनमें सर्वाधिक संख्या उन योजनाओं की है जिनके अभाव का सीधा प्रभाव महिलाओं पर पड़ता था। सरकार और समाज के लिए महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सर्वोपरि होना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और योजनाओं में महिलाएं केंद्र बिंदु हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार जितनी भी जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही हैं, उनमें सर्वाधिक संख्या उन योजनाओं की है जिनके अभाव का सीधा प्रभाव महिलाओं पर पड़ता था।
सरकार और समाज के लिए महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सर्वोपरि होना चाहिए। सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसी प्रतिबद्धता से महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद एवं महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय भी महिलाओं के सम्मान-स्वावलंबन के लिए सराहनीय योगदान दे रहा है।
सीएम योगी शुक्रवार शाम महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सौजन्य से आयोजित सात दिवसीय निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षु महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुफ्त सिलाई मशीन वितरित करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
मुख्यमंत्री, इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में 221 महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीन वितरित की गई। नौ प्रशिक्षुओं को सिलाई मशीन सीएम योगी ने खुद अपने हाथों से प्रदान किए।
प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी के सशक्तिकरण के बिना भारत को सशक्त और समर्थ नहीं बनाया जा सकता है। इसके लिए सुरक्षा का वातावरण देकर महिलाओं के स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त करना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने व्यक्ति, मत, मजहब या क्षेत्र को योजनाओं का आधार नहीं बनाया। बल्कि योजनाओं का आधार गांव, गरीब, किसान, महिलाओं को बनाया गया।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मातृ वंदना सीधे महिलाओं के सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ी हैं तो शौचालय, उज्ज्वला, सौभाग्य और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं के केंद्र भी महिलाएं हैं क्योंकि यदि परिवार में अभाव होगा तो सबसे अधिक दिक्कत महिला को ही होती है।
पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शिल्पियों के साथ ही महिलाओं की आत्मनिर्भरता के लिए है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ही तरह प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं चलाई हैं। छात्रों के साथ छात्राओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराकर उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है।