पूजा करते गोरक्षपीठाधीश्वर
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विजयदशमी के विशिष्ट पूजन की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में शक्तिपीठ से हुई जहां शारदीय नवरात्र प्रतिपदा से जगतजननी आदिशक्ति की आराधना के अनुष्ठान चल रहे थे।
शक्तिपीठ में वेदी पूजनोपरांत तथा लोक कल्याण की प्रार्थना करने के बाद सीएम योगी मंदिर के अन्य साधु-संतों के साथ, संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यगण व वेदपाठी छात्रों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीनाथ जी के मुख्य मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे। यहां विधि विधानपूर्वक महायोगी गोरखनाथ की पूजा की, आरती उतारी।
विशिष्ट पूजन करने जाते गोरक्षपीठाधीश्वर
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इसके साथ ही उन्होंने मंदिर में प्रतिष्ठित सभी देव विग्रहों का विशिष्ट पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करबद्ध होकर श्रीनाथ जी और सभी देव विग्रहों की परिक्रमा भी की। गोरक्षपीठाधीश्वर ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ सहित अन्य संतों की समाधि स्थल पर भी शीश नवाया और पूजन कर आशीर्वाद लिया।
इस दौरान नाथपंथ के परंपरागत विशेष वाद्य यंत्र नागफनी, शंख, ढोल, घंट, डमरू की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्ति तरंगों से झंकृत हो रहा था। विजयदशमी के विशिष्ट पूजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के सुखमय, शांतिमय और समृद्धिमय जीवन की कामना की।
विजयादशमी शोभायात्रा में सीएम योगी की सुरक्षा चाक-चौबंद
विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर से रामलीला मैदान तक निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा में शामिल होने वाले गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा के लिए जमीन से आसमान तक इंतजाम किए गए हैं। इस बार शोभायात्रा मार्ग पर एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात रहेगा और एटीएस कमांडो निगरानी में रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में चार एएसपी, 15 सीओ, 19 निरीक्षक, 87 उपनिरीक्षक, तीन कंपनी पीएसी और 500 से अधिक सिपाही लगाए गए हैं। शोभायात्रा मार्ग में पड़ने वाले 252 घरों के भीतर और छतों पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। हर 500 मीटर पर एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी रहेगी।