मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। हर जिले में प्रतिदिन 24 घंटे के अन्दर पॉजीटिव, रिकवरी, एक्टिव केस आदि की समीक्षा की जाए। होम आइसोलेशन के कोविड मरीजों के साथ संवाद स्थापित किए जाएं और विधानसभावार होम आइसोलेट मरीजों की सूची/मोबाइल नंबर सांसद, विधायक को भी उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे उनसे संवाद स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि हर कोविड हॉस्पिटल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके परिजनों को जरूर दी जाए।
खाद्यान्न वितरण की निगरानी के लिए तैनात करें नोडल अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न वितरण कार्य की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करें। गेहूं क्रय केन्द्रों को सोशल डिस्टेंसिंग/कोविड प्रोटोकाल के तहत संचालित किया जाए तथा गोआश्रय स्थल पर चारे आदि की व्यवस्था की जाए।
अभियान चलाकर करें सैनिटाइजेशन व फॉगिंग
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फागिंग कार्य को एक अभियान के रूप में संचालित करने तथा इसके लिए नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान कोविड के साथ ही बरसात में इंसेफेलाइटिस से बचाव में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेन्ट जोन में सख्ती की जाए। वहां केवल मेडिकल, स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फागिंग, डोर स्टेप डिलेवरी की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानी/सतर्कता कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। उन्होंने बेड की संख्या बढ़ाने तथा शासन के नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन करने और पीकू को क्रियाशील रखने के निर्देश दिये।
बैठक के दौरान कमिश्नर जयन्त नार्लिकर ने मुख्यमंत्री को गोरखपुर मंडल में कोविड प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि टेस्टिंग, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, सैनिटाइजेशन, स्वच्छता, वैक्सीनेशन आदि कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडल में कुल 63042 एन्टीजन टेस्ट, 54633 आरटीपीसीआर सैम्पलिंग करायी गई है।
इसके अलावा मंडल में कुल 4856 क्रियाशील निगरानी समितियां है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 4368 तथा शहरी क्षेत्र में 488 है। कोविड प्रबंधन के लिए मंडल में कुल 126 एम्बुलेंस का प्रयोग किया जा रहा है। कोविड टीकाकरण के संबंध में जानकारी देते हुए आयुक्त ने बताया कि मंडल में कुल 719118 प्रथम डोज तथा 175442 द्वितीय डोज कवरेज किया गया है।
बताया कि मंडल में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति/आवश्यकता, उपयुक्त मानव संपदा की कमी, मण्डल में एल-2/एल-3 लेवल के निजी चिकित्सालयों की कमी तथा एल-2 फैसलिटी के चिकित्सकों एवं अन्य कार्मिकों का आसीयू प्रबंधन में सतत ट्रेनिंग की जरूरत है। इसी तरह कमिश्नर बस्ती ने भी अपने मण्डल से संबंधित कोविड-19 प्रबंधन के संबंध में जनपदवार विस्तृत जानकारी दी।
डीएम ने जिले के बारे में अपडेट कराया
इस दौरान डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने जिले में पाजीटिव रेट, आरआरटी, निगरानी समितियां, होम आइसोलेशन, आईसीसीसी में टेलीफोन संख्या, एम्बुलेंस आदि की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गोरखपुर जिले में कुल 58957 सेम्पलिंग, कोविड प्रबंधन के लिए कुल 64 एम्बुलेंस का प्रयोग किया जा रहा है। जनपद में कोविड टीकाकरण प्रथम डोज 273632 तथा द्वितीय डोज 65420 दिया जा चुका है।
जिला प्रशासन के सहयोग से जल्द कोविड वार्ड शुरू करे एम्स प्रबंधन
मेडिकल कॉलेज में समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने एम्स का निरीक्षण कर वहां पर बोइंग कंपनी के सहयोग से 200 बेड के कोविड वार्ड के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एम्स के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन के सहयोग से तत्काल 200 बेड का वार्ड शुरू किया जाए साथ ही एम्स के तृतीय तल के कार्य को भी तेजी से पूर्ण किया जाए ताकि बेडों की संख्या में और वृद्धि की जा सके। उन्होंने कहा कि एम्स सेवाभाव के साथ कार्य करें। अस्पताल के संचालन में किसी प्रकार की कमी नही आने दी जाएगी।
युवाओं से लिया टीकाकरण का फीडबैक
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज जाते समय चरगावां स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहे 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के कोविड टीकाकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण की स्थिति जानी और वहां वैक्सीनेशन कराने पहुंचे युवाओं से बातचीत कर फीडबैक भी लिया। सभी ने व्यवस्था पर संतुष्टि जताई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने वहां 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के कोविड टीकाकरण के कार्य का भी निरीक्षण किया।