मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में जब उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में 500 बेड के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल का उदघाटन किया था तब बहुत मरीज नहीं थे। बीच में कुछ लोग इसे बंद करने को कहते थे लेकिन हमने इसे बंद नहीं होने दिया। गोरखपुर व पूर्वी उत्तर प्रदेश के हजारों लोगों का जीवन बचाने में इस डेडिकेटेड कोविड अस्पताल, डॉक्टरों व अन्य स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अलग- अलग जनपदों में भी ऐसा ही कार्य हुआ।
रणनीतिक सफलता को कोरोना कर्फ्यू से जोड़ा गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की रणनीतिक सफलता को कोरोना कर्फ्यू से जोड़ा गया है। इसके तहत आरआरटी, निगरानी समितियों को गांव- गांव सक्रिय किया गया। हर गांव में कोविड स्क्रीनिंग हो रही है। आरआरटी ,एंटीजन टेस्ट कर रही है। लोगों को उनके घर तक मेडिकल किट पहुंचाई जा रही है। यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि किसी के पास होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं है तो गांव में ही क्वारन्टीन सेंटर बनाकर उसे यह सुविधा दी जाए। लोगों तक जितनी जल्द दवा व अन्य सुविधाएं पहुंचेंगी, मृत्यु दर उतनी ही कम होगी।
सरकार के लिए एक-एक व्यक्ति का जीवन कीमती, लोग बरतें सतर्कता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक- एक व्यक्ति का जीवन कीमती है। सरकार इसे बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना से बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है। हाई रिस्क कटेगरी के लोग जैसे 10 साल तक के बच्चे, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, गम्भीर बीमारी से पीड़ित लोग घरों से बाहर न निकलें। घर पर भी मास्क लगाएं। अन्य लोग भी अनावश्यक बाहर जाने से बचें। जरूरी होने पर निकलना पड़े तो मास्क व ग्लब्स का इस्तेमाल जरूर करें, दो गज की दूरी का मंत्र याद रखें। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर खुद के साथ समाज की सुरक्षा की जा सकती है। सीएम ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।