गोरखपुर जिले के खोराबार ब्लॉक के तरकुलानी क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। पांच जुलाई को मुख्यमंत्री योगी तरकुलानी रेगुलेटर का लोकार्पण करेंगे। इसके बन जाने से खोराबार ब्लॉक के 45 गांवों की 32 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। इसके अलावा 28038 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसल जलभराव के चलते होने वाले नुकसान से अब बच जाएगी।
तरकुलानी क्षेत्र में बारिश की वजह से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। इससे 28038 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी और खरीफ की फसल किसान नहीं उपजा पाते थे। जलभराव की समस्या से 45 से अधिक गांवों के लोग संकटग्रस्त थे। इसकी वजह से जलजनित बीमारियां भी होती थीं। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद से सड़क तक आंदोलन किया।
योगी जब प्रदेश के मुखिया बने तब 10 अक्तूबर 2017 को उन्होंने तरकुलानी रेगुलेटर का शिलान्यास किया। तब इसकी लागत 40.60 करोड़ रुपये थी। यहां पर 14 पंप लगाए गए हैं। पंप लगाने का कार्य पूना की कंपनी ने किया है। कुछ रोज पहले पंप का ट्रायल कंपनी के इंजीनियरों ने किया है। इससे 300 क्यूसेक पानी नदी में फेंका जाएगा।
रेगुलेटर से शहरी क्षेत्र का भी होगा लाभ
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने बताया कि तरकुलानी रेगुलेटर से शहरी क्षेत्र के लोगों को भी लाभ होगा। सहारा स्टेट एरिया में भी जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। उन्होंने बताया कि रामगढ़ ताल से गोर्रा ड्रेन जुड़ा हुआ है जो तरकुलानी के पास जाकर मिलता है। जब पानी भर जाएगा तब गेट बंद कर पानी को नदी में फेंका जा सकेगा।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
शुक्रवार को कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी दिनेश प्रभु तथा ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने रेगुलेटर व कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन लोगों ने बेलवार स्थित आदर्श इंटर कॉलेज का वह प्रांगण भी देखा जहां पर योगी हेलीकॉप्टर से उतर कर कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे। वहां से वापस आने के बाद कॉलेज के मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस संबंध में अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की परख की। कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अलावा प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
84.86 करोड़ की परियोजना, खर्च हो चुके 65 करोड़
2017 में स्वीकृत इस परियोजना का काम 2018-19 में शुरू हो सका। कोरोना की दो लहरों के बावजूद यहां का काम काफी तेजी से हुआ और पंप हाउस बनकर अब तैयार हुआ है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता आलोक जैन ने बताया कि करीब 84.86 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना पर 65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बाकी धनराशि से वहां विकास कार्य होने हैं।