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कुशीनगर: छोटे बच्चों के अभिभावकों को कैसे और कब लगेगा टीका, सीएम योगी ने दी पूरी जानकारी

Wed, 26 May 2021 07:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर।

सार

  • कोविड के साथ-साथ पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस के उपचार पर भी रहेगा जोर, गांवों में सफाई
  • सैनिटाइजेशन, जांच व टीकाकरण में तेजी के लिए अफसरों को दिया निर्देश,
  • सांसद व विधायक एक-एक सीएचसी-पीएचसी गोद लें, सुधारें उसकी दशा

 
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कुशीनगर दौरे सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर 12 साल से कम उम्र के बच्चों के अभिभावकों को टीकाकरण में वरीयता देने की बात कही है। सीएम ने कहा कि न्यायिक और मीडिया कर्मियों के समान ही अभिभावकों के लिए भी अलग से बूथ बनाया जाएगा। उन्होंने गोरखपुर-बस्ती मंडल में कोरोना के साथ-साथ इंसेफेलाइटिस के उपचार के लिए भी प्रबंध करने का निर्देश अफसरों को दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सीएम ने सांसदों व विधायकों से अपने क्षेत्र की एक-एक सीएचसी या पीएचसी को गोद लेकर वहां की व्यवस्था में सुधार करने को कहा है।

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कुशीनगर में कोविड नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों के निरीक्षण व समीक्षा बैठक के बाद बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों में पीकू वार्ड बनाए जा रहे हैं। कुछ सीएचसी में भी उपचार का प्रबंध किया जा रहा है, जिससे कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को राहत मिल सके।

सीएम ने कहा कि बरसात में और अधिक सतर्कता की जरूरत है। क्योंकि गोरखपुर-बस्ती मंडल में इन दिनों इंसेफेलाइटिस कहर बनकर आता है। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में हमारी सरकार ने टीकाकरण, सफाई व इलाज के जरिए इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण पाया है, लेकिन अभी प्रयास जारी रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गांवों में सफाई, सैनिटाइजेशन, जांच और टीकाकरण में तेजी लाने का निर्देश अफसरों को दिया गया है।   
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लगातार जांच, निगरानी व इलाज से कोरोना महामारी पर पाया नियंत्रण
सीएम योगी ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में विशेषज्ञ आशंका जता रहे थे कि उत्तर प्रदेश में हालात भयावह हो जाएंगे। 30 मई तक 30 लाख एक्टिव केस हो जाने की बातें कही जा रही थीं, लेकिन लगातार जांच, निगरानी व इलाज का असर है कि यह महामारी अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब 66 हजार एक्टिव केस हैं। हर दिन कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। अब सरकार का ध्यान पोस्ट कोविड मरीजों के उपचार पर है। इसके लिए प्रबंध किए जा रहे हैं।

 

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टेस्ट, ट्रैक व ट्रीट के मंत्र को जमीन पर उतारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने टेस्ट, ट्रैक व ट्रीट के मंत्र को जमीन पर उतारा है। इसका परिणाम है कि रिकवरी रेट 95 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि पॉजिटिविटी रेट तीन प्रतिशत पर आ गया है। प्रदेश में अब तक चार करोड़ 70 लाख से अधिक टेस्ट हो चुके हैं। बीते 24 घंटे में 3.57 लाख से अधिक टेस्ट हुए हैं। कोविड का जो मरीज जहां मिला वहीं उपचार की व्यवस्था की जा रही है। मेडिसिन किट का वितरण किया जा रहा है। ब्लैक फंगस के मरीजों के बेहतर उपचार की व्यवस्था की जा रही है।

जीवन को भी बचाना है और आजीविका को भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से जीवन खतरे में है तो लॉकडाउन से आजीविका पर संकट है। हमें जीवन भी बचाना है और आजीविका भी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत खाद्यान्न की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कम्युनिटी किचन के जरिए अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन व अन्य बेसहारा लोगों के भोजन का प्रबंध किया जा रहा है।
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