गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरुजनों की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर श्रद्धा निवेदित करते हुए उनका आशीर्वाद लिया। गुरु पूजा के बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के दरबार में भी गए और उनकी आराधना की।
गुरु पूजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सुबह पांच बजे नाथ पंथ के आदि गुरु गोरक्षनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। महारोट का विशेष प्रसाद चढ़ाकर उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से आदि गुरु की पूजा संपन्न की। आधे घंटे की नाथ पूजा के बाद मुख्यमंत्री बारी-बारी से परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के दरबार में पहुंचे और उनकी भी आराधना की।
अंत में वह बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर गए और उनकी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना की आनुष्ठानिक प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद मुख्यमंत्री की अगुवाई में गुरु पूर्णिमा पर होने वाली परंपरागत महाआरती का आयोजन किया गया और सभी गुरुओं के प्रति आस्था निवेदित की गई।
कोविड प्रोटोकाल पालन, नहीं हुआ तिलक का कार्यक्रम
गुरु पूजा के बाद मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी ने बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर अपने शिष्यों को आशीर्वाद दिया। इस दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन भी हुआ, जिसमें लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने अपने साथियों के साथ गुरु महिमा वाले भक्ति गीतों की प्रस्तुति से सभी मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के प्रतिष्ठित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री, बल्लू राय, द्वारिका तिवारी, वीरेंद्र सिंह, सांसद रवि किशन, पीके मल्ल, सीताराम जायसवाल, विधायक संगीता यादव, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, पंचायत प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रमेश सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता, डॉ. सत्येंद्र सिन्हा, बच्चा पांडेय नवीन, ब्रजेश मणि मिश्र, पुष्पदंत जैन, विकास जालान आदि मौजूद रहे।
गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के आयोजन में कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन कराया गया। सुरक्षाकर्मी और मंदिर प्रबंधन के लोग सभी को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करते रहे। मुख्यमंत्री ने भी मंच से तीसरी लहर से बचने के लिए इसे लेकर सतर्कता बरतने की अपील की। प्रोटोकाल के चलते ही गुरु पूर्णिमा पर होने वाले तिलक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। इस आयोजन में शिष्य और भक्त गोरक्षपीठाधीश्वर को तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद लेते हैं।