जाहिर है कि उनको टिकट कटने की भनक नहीं थी, वरना वह चुनाव प्रचार में क्यों जुटते ? मुख्यमंत्री को शहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाने की घोषणा के एक दिन बाद (16 जनवरी को) सोशल मीडिया पर डॉ अग्रवाल ने लिखा कि विधायक रहने या न रहने से सेवा प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने मानबेला खास में सड़क का निर्माण अपनी उपस्थिति में करवाया है।
सोमवार को सपा में आमंत्रण के अखिलेश के बयान पर सवाल करने पर वे कुछ नहीं बोले। राजनीति के जानकार कहते हैं कि नगर विधायक राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं। वे नफा-नुकसान का आकलन कर रहे हैं। किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सब कुछ तौल लेना चाहते हैं, फिर पत्ते खोलेंगे। वैसे भी टिकट कटने के बाद, नगर विधायक ने अपने स्वभाव के विपरीत प्रतिक्रिया दी है।
कई मुद्दों पर विधायक अपनी सरकार व संगठन की आलोचना समय-समय पर करने से नहीं चूके। हर मुद्दे पर बेहद मुखर। पहले सीएम के प्रत्याशी बनाए जाने पर ठंडी प्रतिक्रिया और अब अखिलेश के आमंत्रण पर रहस्यमय खामोशी, कईयों को बेचैनी से भर रही है।