महानगर आने वाले पर्यटकों को घुमाने के लिए आईं दो विशेष इलेक्ट्रिक बसें 26 दिनों से पंजीकरण के अभाव में महेसरा स्थित डिपो में खड़ी हैं। जबकि, जिम्मेदारों का दावा था कि एक सप्ताह के भीतर बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
महानगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटकों की सहूलियत के लिए सात मई को दो विशेष इलेक्ट्रिक बसें महेसरा डिपो पहुंच गई थीं। इन बसों को एयरपोर्ट से रामगढ़ताल, नौकायान होते हुए चिड़ियाघर तक चलाने की योजना है। बस संचालित कराने वाली संस्था ने दावा किया था कि एक सप्ताह के अंदर इन बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। लेकिन, यह दावा फेल हो गया। 26 दिनों बाद भी बसों का पंजीकरण नहीं हो सका। पंजीकरण के अभाव में ये बसें अभी सड़कों पर न होकर बस डिपो में ही खड़ी हैं।
बता दें कि वर्तमान में संचालित हो रही इलेक्ट्रिक बसों की तुलना में यह विशेष बस करीब डेढ़ गुना ज्यादा क्षमता की है। एक बस की कीमत एक करोड़ 38 लाख रुपये है। एक साथ 54 लोग इस बस में सफर कर सकते हैं।
इलेक्ट्रिक बस डिपो प्रबंधक केके मिश्रा ने कहा कि पर्यटकों को घुमाने के लिए आई विशेष इलेक्ट्रिक बसों के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कुछ दस्तावेज कंपनी की ओर आनी हैं। प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।