छोटी दीपावली रविवार को धूमधाम से मनाई गई। लोगों ने चतुर्दशी दीपदान कर दीपोत्सव का प्रारंभ किया। कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्दशी अर्थात नरक चतुर्दशी पर यम का पूजन तर्पण भी किया गया। महानगर सतरंगी रोशनी से जगमगाता नजर आया।
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को मृत्यु के देवता यमराज का पूजन कर यम का दीपक भी घर से बाहर रखा गया। मान्यतानुसार नरक चतुर्दशी छोटी दीपावली के दिन यम का पूजन करने से अकाल मृत्यु और नर्क से छुटकारा मिलता है। जल, रोड़ी, अक्षत, चावल, गुड़, फूल, नैवेद्य आदि से पूजन के बाद रखा यम के नाम पर चार दीपक जलाए गए। उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर रखा गया। व्रत करने वालों ने जल में काला तिल और कुश डालकर उससे यम का तर्पण किया। आटे का दीपक बनाकर तेल बत्ती लगाकर उसे जलाया गया और घर के बाहर रखा गया।
जयघोष के बीच खुले मां लक्ष्मी के पट
लक्ष्मी पूजा समितियों की ओर से विभिन्न मोहल्लों में लगे पंडाल में स्थापित मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं के पट रविवार को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही मां लक्ष्मी के जयघोष वातावरण में गूंजने लगे। बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा-अर्चना कर मंगल कामना की। महानगर के माया बाजार, घंटाघर, बक्शीपुर, मोहद्दीपुर, हुमायूंपुर, जाफरा बाजार, निजामपुर, घासीकटरा, असुरन, विष्णुपुरम, राप्तीनगर, नखास, दाउदपुर मे पंडाल बनाए गए हैं। जहां माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से आराधना हो रही है। बृहस्पतिवार को भाई दूज के दिन इन प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
मनाई गई हनुमान जयंती
कार्तिक मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर रविवार को हनुमान जयंती भक्तिभाव से मनाई गई। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने पवनपुत्र का पूजन-अर्चन किया। महानगर के गोरखनाथ मंदिर, जटाशंकर हनुमान मंदिर, गोलघर काली मंदिर, बेतियाहाता हनुमान मंदिर, लालडिग्गी स्थित हनुमानगढ़ी सहित लगभग सभी हनुमान मंदिरों में भीड़ रही।