जानकारों के मुताबिक, हर दिन नेपाल के रास्ते महेवा मंडी में एक से दो गाड़ी चीनी अदरक पहुंच रही है। इन गाड़ियों में 20 से 40 क्विंटल प्रतिबंधित चीनी अदरक रहती है। मंडी में आने के बाद इनकी बिक्री शुरू हो जाती है। लेकिन, मंडी के जिम्मेदारों को इसकी खबर तक नहीं है।
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भारतीय और चीन के अदरक में है अंतर
मंडी के अदरक व्यापारी के अनुसार, भारतीय व चीनी अदरक में कई अंतर हैं। भारतीय अदरक बड़े होते हैं, जबकि चीनी अदरक छोटे। इनके रंग में भी थोड़ा बहुत अंतर होता है। दोनों अदरक के स्वाद में भी अंतर है। जिसे ज्यादातर लोग भांप नहीं पाते। भारतीय अदरक चीनी अदरक की तुलना में ज्यादा कड़क होती है।
मंडी सचिव रजित राम वर्मा ने कहा कि मंडी में नेपाल से लाकर अदरक बेचने की जानकारी नहीं है। इंस्पेक्टर को भेजकर बृहस्पतिवार को जांच कराएंगे।