पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मामा ने घर में विवाद की बात स्वीकारी है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि विवाद इतना नहीं था कि उसको लेकर इतनी बड़ी वारदात हो जाए। पुलिस ने रोशनी की मामी से भी पूछताछ की है। मौसी और मामा अभी तक यह नहीं बता पा रहे हैं कि उन्हें लाश मिलने की सूचना किसने और कब दी थी।
पुलिस की करीबियों पर शक गहराने की वजह भी है। पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि सात फीट ऊंची बाउंड्रीवाल के अंदर रोशनी की लाश थी, उससे बदबू भी नहीं आ रहा था तो परिजन को इस जगह की सटीक जानकारी कैसे हो गई। पुलिस का मानना है कि सूचना देने वाले का नाम स्पष्ट होने के साथ ही घटना भी खुलकर सामने आ जाएगी।
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मां मनीता ने पुलिस को बताया कि पति दूधनाथ से बच्ची को लेकर विवाद चल रहा था। वह बच्ची को अपने पास रखना चाहता था, लेकिन वह ऐसा करने नहीं दे रही थी। मनीता इसी बात को लेकर दूधनाथ पर हत्या का संदेह जाहिर कर रही है।
दफनाई गई रोशनी, भर आईं सबकी आंखें
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पांच साल से कम उम्र होने की वजह से उसे दफना दिया गया। मासूम बच्ची के शव को देख आसपास के लोगों की भी आंखें भर आईं। पड़ोस की संगीता ने कहा-रोशनी बहुत नटखट थी और सब के पास ही खेलने के लिए चली जाती थी। उसकी एक-एक हरकत आज याद आ रही है।
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चिलुआताल में बच्ची की हत्या।
- फोटो : अमर उजाला।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि दर्ज केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। परिजनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। अभी तक की जांच में परिवार के इर्द-गिर्द ही सुराग मिल रहे हैं। जल्द ही असल आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।