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Gorakhpur News: भीषण लू में झुलस रहे मासूम, स्कूली समय घटाने की मांग

Tue, 21 Apr 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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- छुट्टी के वक्त लू से बेहाल बच्चे पसीने से तर-बतर नजर आए

- छुट्टी होते ही आइसक्रीम की ओर दौड़ रहे बच्चे, बीमार होने की आशंका से सहमे अभिभावक



गोरखपुर। पिछले तीन दिनों से जारी लू के बीच मासूम बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। सोमवार को सिविल लाइंस स्थित विद्यालयों के बाहर छुट्टी के वक्त लू से बेहाल बच्चे पसीने से तर-बतर नजर आए। स्कूल से निकलते ही बच्चे सबसे पहले आइसक्रीम और ठंडे पानी की मांग कर रहे थे। स्कूल बस और वैन में बैठे बच्चे गर्मी से बेहाल नजर आ रहे थे।
बढ़ते तापमान को लेकर अभिभावकों की चिंता काफी बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है सड़कें इन दिनों दोपहर 12 बजे के बाद तप रही हैं। तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाने के कारण गर्म हवाएं अब सीधे शरीर को झुलसा रही हैं। छोटे बच्चों की त्वचा और सेहत पर इसका सीधा असर दिख रहा है। बच्चे स्कूल से बाहर निकलते ही सीधे आइसक्रीम के ठेले की ओर भागते हैं। बच्चे को इतनी गर्मी में देखकर अभिभावक भी डरे हुए हैं कि कहीं वह बीमार न पड़ जाएं।
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अभिभावकों का कहना है कि वैन और ऑटो के भीतर का तापमान बाहर से भी ज्यादा होता है, जिससे बच्चों का दम घुटने लगता है। अभिभावकों की मांग है कि छोटे बच्चों की कक्षाएं सुबह जल्द शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक हर हाल में खत्म कर दी जाएं।
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12 बजे तक छुट्टी की अभिभावकों ने की मांग
भीषण लू को देखते हुए अभिभावकों ने स्कूल की टाइमिंग बदलने की मांग की है। अभिभावक संजय का कहना है कि छोटे बच्चों से यह धूप बर्दाश्त नहीं हो रही है। इसलिए नर्सरी से कक्षा पांच तक के बच्चों की छुट्टी हर हाल में दोपहर 12 बजे तक कर दी जानी चाहिए। शिक्षा से पहले बच्चों की सेहत जरूरी है। सिविल लाइंस निवासी पूजा पांडेय ने बताया कि वे अपने बच्चे को लेने स्कूल तक पैदल आती हैं तो लगता है कि शरीर जल जाएगा। गर्मी और तपन से बड़ों का यह हाल है तो बच्चों को कितनी परेशानी हो रही होगी। छुट्टी के समय उनका बच्चा भारी बस्ता टांगे बाहर आता है तो उसका पूरा शरीर पसीने से भीगा होता है। स्कूल से निकलते ही सड़क पर आइसक्रीम वाले को देखकर मचल जाता है। रुस्तमपुर की सुमन चतुर्वेदी ने बताया कि छोटे बच्चों के लिए यह मौसम जहर जैसा है। भारी बस्ते के बोझ के साथ यह धूप उन्हें बीमार कर रही है। इस मौसम में बच्चे को स्कूल भेजने में बहुत तकलीफ होती है।
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