- जिला अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे दो से तीन मरीज
- पिछले साल जंगल कौड़िया क्षेत्र के एक गांव में फैल गया था चिकन पॉक्स का संक्रमण
गोरखपुर। मार्च से मई के बीच बढ़ती गर्मी के साथ चिकन पॉक्स और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। इस समय जिला अस्पताल में रोजाना दो-तीन चिकन पॉक्स के मरीज आ रहे हैं। वहीं त्वचा रोग और लाल दाना की समस्या से पीड़ित लोगों की संख्या भी बढ़ रही है।
जिला अस्पताल में सोमवार को चर्मरोग विभाग की ओपीडी में 163 लोगों का इलाज किया गया, जिसमें दो ऐसे मरीज रहे, जिनको चिकन पॉक्स की शिकायत रही। पिछले वर्ष मार्च में जंगल कौड़िया क्षेत्र में चिकन पॉक्स ने एक पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया था। वहीं चार साल पहले बेलघाट क्षेत्र में भी ऐसे ही हालात बने थे, जहां स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर उपचार शुरू किया था। हालांकि चिकन पॉक्स को लेकर बहुत से लोग पहले से ही संक्रमण से बचाव को लेकर होम्योपैथ की दवा ले रहे है।
जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन वर्मा ने बताया कि चिकन पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलती है। इससे बचने के लिए साफ-सफाई, संक्रमित व्यक्ति को अलग रखना और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। गर्मी के मौसम में त्वचा संबंधी संक्रमण तेजी से बढ़ते हैं।
होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने बताया कि चिकन पॉक्स और त्वचा रोगों के उपचार में होम्योपैथिक दवाएं काफी कारगर साबित होती हैं। होम्योपैथी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाकर बीमारी से लड़ने में मदद करती है। यह इलाज धीरे-धीरे लेकिन जड़ से असर करता है और इसके साइड इफेक्ट भी बेहद कम होते हैं।