गोरखपुर जिले में खजांची चौराहे के पास शुक्रवार की रात पायनियर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 23 दिन के शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुआ हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। परिजन बच्चे का शव लेकर घर चले गए। इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है।
जानकारी के मुताबिक शाहपुर इलाके के हड़हवा फाटक निवासी सत्यवीर की पत्नी अर्चना ने पांच अगस्त को पानियर अस्पताल में शिशु को जन्म दिया था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने उसका जन्म समय से पहले होने के कारण हालत ठीक नहीं होने की जानकारी दी थी। इसके बाद इलाज के लिए शिशु को एनआईसीयू में भर्ती करा दिया गया।
उस दिन से ही शिशु का इलाज इसी अस्पताल में चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार की रात शिशु की हालत बिगड़ी तो डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज ले जाने की तैयारी कर रहे थे तभी उसकी मौत हो गई। परिजन डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
इस संबंध में पायनियर अस्पताल के डॉ. अरविंद कुमार का कहना है कि शिशु का जन्म समय से पहले हुआ था, जिसके कारण उसका फेफड़ा कमजोर था। उसको बचाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं दिखा तो रेफर भी किया गया, लेकिन परिजन उसे लेकर नहीं गए।
गुलरिहा के थानाध्यक्ष विनोद कुमार अग्निहोत्री का कहना है कि हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची थी। समझा बुझाकर मामला शांत कराया गया। बच्चे का शव परिजनों को दिया गया जिसे लेकर वे घर चले गए। इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।