फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur: रूढ़ियों को तोड़कर सूर्य ग्रहणकाल में बाहर निकले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तोड़ चुके हैं कई मिथक

Tue, 25 Oct 2022 09:28 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

यह पहला अवसर नहीं है जब योगी आदित्यनाथ ने ऐसा किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद बार-बार नोएडा जाकर वहां को लेकर राजनीति में प्रचलित मिथक को तोड़ा। यही नहीं सार्वजिनक रूप से कहा भी था कि मैं नोएडा जाता रहूंगा और दुबारा मुख्यमंत्री भी बनूगा। हुआ भी यही।
विज्ञापन
सूर्यग्रहण देखते सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक संत के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी आस्था, परंपरा एवं संस्कृति का पूरा सम्मान करते हैं। पर, अगर बात जब वैज्ञानिकता और लोककल्याण की आती है तो वह रूढ़ियों को तोड़ने में तनिक भी नहीं हिचकते। आज सूर्यग्रहण के दौरान भी उन्होंने यही किया। 

विज्ञापन


आम परंपरा यह है कि ग्रहण के दौरान घर से निकलते नहीं। ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान, दान के बाद ही दिनचर्या को आगे बढ़ा सकते हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में थे। आंशिक सूर्यग्रहण के दौरान वह वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला गये। वहां वैज्ञानिक एहतिहात के साथ ग्रहण देखा। एक्सपर्टस से इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।

यह पहला अवसर नहीं है जब योगी आदित्यनाथ ने ऐसा किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद बार-बार नोएडा जाकर वहां को लेकर राजनीति में प्रचलित मिथक को तोड़ा। यही नहीं सार्वजिनक रूप से कहा भी था कि मैं नोएडा जाता रहूंगा और दुबारा मुख्यमंत्री भी बनूगा। हुआ भी यही।
विज्ञापन


यही नहीं राजनीतिक वजहों से उनके पूर्ववर्ती अयोध्या जाना तो दूर उसका नाम लेने से भी बचते थे। उस अयोध्या का योगी ने बार-बार दौरा किया। आज उनकी अगुआई में अयोध्या का कायाकल्प हो रहा है। साथ ही उनके गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के सपनों के मुताबिक श्रीरामजन्म भूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण भी हो रहा है।

जनता के दुख दर्द में सहभागी बनने के लिए उन्होंने गोरक्षपीठ की नवरात्र से जुड़ी एक परंपरा को भी तोड़ा था। उनके सांसद रहने के दौरान एक बार गोरखपुर में ट्रेन दुर्घटना हुई थी। तब नवरात्र अनुष्ठान के कारण वह मंदिर में ही प्रवास कर रहे थे। परंपरा तोड़ वह दुर्घटना पीड़ितों के बीच पहुंचे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें