जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं के निराकरण में देरी न हो। समय का ध्यान रखने के साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि फरियादी, निस्तारण की कार्रवाई से संतुष्ट हों। जनता दरबार में जमीन विवाद और थाने से जुड़े सर्वाधिक मामले आने पर मुख्यमंत्री ने चिंता जताई और कहा कि कहीं न कहीं थाने और तहसील स्तर पर इसे लेकर लापरवाही हो रही है। समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर मंदिर पहुुंचे लोगों के पास मुख्यमंत्री खुद बारी-बारी पहुंचे। सभी की शिकायतें सुनीं और जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया।
जनता दरबार में कई लोग अपनों के गंभीर इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और गरीब के साथ खड़ी है। उन्होंने ऐसे सभी फरियादियों के प्रार्थनापत्र पर संबंधित जिले के प्रशासन को जल्द रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। कहा कि समय से इस्टीमेट बनाकर शासन को उपलब्ध कराया जाए ताकि किसी के इलाज में देरी न हो। कई महिलाएं जमीन की शिकायत लेकर पहुंची थीं, जिसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन कब्जा करने वालों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार में एक बावनी आवास पाने के बाद आभार ज्ञापित करने पहुंची थी। जैसे ही मुख्यमंत्री सामने पड़े, उसने अभिवादन किया तो वह रुक गए। हाथ जोड़कर बावनी ने कहा कि ‘महाराज जी हमरो मकान बनि गईल। लगत रहे कि सज्जो जिनगी मड़इये में बीति जाई। ई कुल आपे क किरपा बा।’ गोला बाजार क्षेत्र के बरहल गांव की रहने वाली महिला ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही आवास योजना के तहत उनका पक्का मकान बन पाया है। आभार ज्ञापन के क्रम में जब उसने मुख्यमंत्री से साथ में फोटो खिंचवाने का आग्रह किया तो वह उसे अस्वीकार नहीं कर सके। मुस्कुराते हुए सहर्ष तस्वीर भी खिंचवाई।