सहजनवां के पास बैरियर पर तैनात दरोगा शंभू सिंह और सिपाही नंदलाल, नंद किशोर पर सोमवार को गाज गिर गई। कोरोना पॉजिटिव मरीज एंबुलेंस से आने पर चेकिंग ना करने पर तीनों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। दिल्ली आते समय वैसे तो कहीं पर भी जांच नहीं हुई है लेकिन बॉर्डर पर अलर्ट होने के बावजूद पुलिस की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की गई है।
जानकारी के मुताबिक, उरूवा के हाटा बुजुर्ग गांव का एक शख्स दिल्ली स्थित सफदरगंज हास्पिटल से एंबुलेंस से लाया गया था। रविवार की दोपहर में उसकी एंबुलेंस ने गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर सहजनवां थाने के सामने बने बैरियर को क्रास किया था। उस समय एसआई शंभू सिंह, सिपाही नंदलाल गौड़ और नंदकिशोर के अलावा दो होमगार्ड की ड्यूटी थी।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम और विशेष मजिस्ट्रेट भी तैनात थे। शनिवार की रात में यह एंबुलेंस मरीज लेकर चली थी। एंबुलेंस के चालक ने हार्ट के मरीज परचा रखा था। बैरियर एंबुलेंस भी आसानी से निकल गई। हालांकि पुलिसवालों का कहना था कि उन्होंने एंबुलेंस को रोका था लेकिन वे अन्य गाड़ियों के पीछे-पीछे धीरे-धीरे निकल गई। जब जानकारी हुई तब वह जा चुकी थी। फिलहाल उन्होंने इसकी खबर आगे कहीं नहीं की थी। एसएसपी ने इसमें लापरवाही सामने आने पर तीनों पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया है।
जिले की सीमाओं पर लापरवाही बरती गई थी। यदि जांच हुई होती तो वह उरूवा तक नहीं जा पाता। इस मामले में बैरियर ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। अन्य जिले के सीमा क्षेत्र के बैरियर पर मौजूद पुलिस कर्मियों को भी साफ निर्देश दिया गया है कि वे बिना जांच के किसी को भी जिले में न आने न दें। अन्य जिलें के कुछ कर्मचारियों के आने-जाने की बात भी सामने आई है उन पर भी सख्ती करने को कहा गया है।
-डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी