सैन्य कर्मी धनंजय यादव की मौत के बाद शहीद का दर्जा दिलाने के बहाने साजिश के तहत चौरीचौरा के भोंपा बाजार में बवाल और तोड़फोड़ करने के चार और आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में अब तक 13 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
दूसरी तरफ, मुख्य आरोपी और इनामी सपा नेता मनुरोजन यादव, नरसिंह यादव और अरविंद यादव की तलाश में दबिश जारी है। खबर है कि तीनों आरोपित कोर्ट में सरेंडर की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, पकड़े गए आरोपितों की पहचान गोपालपुर निवासी रोहित यादव, राघव पट्टी निवासी सुधांशु तिवारी, इसी गांव के मनोज तिवारी और रवि प्रकाश त्रिपाठी के रूप में हुई है।
प्रेस कांफ्रेंस में एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने पत्रकारों को बताया कि भोपा बाजार में 25 मार्च को रेल रोकने के साथ ही उपद्रवियों ने सड़क पर जाम लगाकर जिलाधिकारी पर पथराव और राहगीरों के वाहनों में आगजनी तक की थी। साजिश सामने आने के बाद मामले में सात एफआईआर दर्ज की गई है।
इनमें से पांच केस जनता ने दर्ज कराया है। एक रेलवे और एक थाना प्रभारी चौरीचौरा ने कराया। पुलिस ने 56 नामजद और 200 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। जांच में साजिश का तब खुलासा हुआ, जब पता चला कि झंगहा के जिस गांव का धनंजय यादव रहने वाले थे, उस गांव के अलावा झंगहा, चौरीचौरा, खोराबार, पिपराइच तक के लोगों को बवाल के लिए बुलाया गया था।
पुलिस ने मामले में पहले ही नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। सपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजलि यादव के पति मनुरोजन यादव के अलावा नरसिंह यादव और अरविंद यादव पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।