इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं। आज पूरा क्षेत्र हमारे पूर्वजों के सम्मान में खड़ा है। बहुत ही अभिभूत हूं, इससे ज्यादा अब कुछ नहीं बयां कर सकता। - गुलाब चौरसिया, मुंडेरा बाजार (शहीद रामरूप, जिन्हें फांसी हुई, के पौत्र)
पूर्वज के बलिदान को इस तरह सम्मान मिलने से अभिभूत हूं। सम्मान तो पहले भी मिला लेकिन इस तरह पूरा देश नहीं देख पाया था। अब पूरे देश के लोग पूर्वजों के त्याग के बारे में जान सकेंगे। - हरिलाल मौर्य, रामपुर रकबा (शहीद इंद्रजीत, जिन्हें फांसी हुई, के पौत्र)
सुबह से ही गांव में लोग बधाई दे रहे हैं। योगी जी ने सम्मान देकर पूर्वजों के बलिदान को गौरवान्वित किया है। बहुत खुशी हुई कि हम लोगों की सरकार ने सुध ली है। - सावित्री देवी, मुंडेरा बाजार (शहीद झिंगनु, जिन्हें फांसी हुई, की पौत्र वधू)
मेरे दादा ने देश के लिए जो बलिदान दिया था उसे सरकार नमन कर रही है, इससे बड़ा सम्मान मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता। पूरा परिवार बहुत खुश है, इस पल के इंतजार में रात भर मैं सो नहीं पाया। - रामनवल, रूदलापुर खोराबार (शहीद चमरू, जिन्हें फांसी हुई, के पौत्र)
देश के लिए बलिदान देने से बड़ी बात जीवन में कुछ नहीं होती है। खुशी है कि शहादत को पूरा देश नमन कर रहा है। मुख्यमंत्री जी को बहुत धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस तरह आयोजन किया। - राम अशीष, पोखरभिंडा (शहीद करिया प्रसाद, जिन्हें फांसी हुई, के पौत्र)
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पति मिश्रीलाल विकलांग हैं, इसलिए उनकी जगह मुझे सम्मान हासिल करने का सौभाग्य मिला। मुख्यमंत्री का बहुत आभार प्रकट करती हूं कि उन्होंने हमारे पुरखों की सुध ली। - सावित्री देवी, भरतपुर (शहीद अयोध्या, जिन्हें 5 साल की सजा हुई, की पौत्र वधू)