सीएए के खिलाफ बवाल मामले में छह माह बाद 32 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
गोरखपुर। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ बवाल मामले में कोतवाली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में छह महीने बाद भी विवेचना पूरी न होने पर एडीजी दावा शेरपा ने एसएसपी से इस बाबत जवाब तलब किया था। जिसके बाद इसमें तेजी आई और पुलिस ने 32 लोगों पर अब तक चार्जशीट दाखिल कर दी है।
दिसंबर 2019 के दूसरे सप्ताह से गोरखपुर में सीएए को लेकर तनाव शुरू हुआ था। 22 दिसंबर को जुमा के दिन बवाल काफी बढ़ गया था। कोतवाली इलाके के नखास चौक तथा रेती रोड पर पथराव और तोड़फोड़, धक्का-मुक्की सहित कई घटनाएं सामने आई थीं। वहीं राजघाट इलाके में जामा मस्जिद पर धारा 144 के लागू होने के बाद भी भीड़ वहीं से रेती रोड और नखास की तरफ बढ़ी थी। बवाल और पथराव में पुलिस की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हुई थी। इस मामले में गोरखपुर पुलिस ने कोतवाली और राजघाट थाने में अलग-अलग चार मुकदमे दर्ज किए थे। आरोपितों की पहचान के लिए पोस्टर भी चस्पा किया गया था।
बवाल के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई थी, तो उससे लगा था कि अब जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस चार्जशीट दाखिल कर देगी, लेकिन कार्रवाई सुस्त हो गई। शासन ने सीएए से जुड़े मामलों में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी तो अफसरों को इसका ध्यान आया। अब जाकर छह महीने बाद चार्जशीट दाखिल की गई है। पुलिस ने उन 32 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है जो कोतवाली में दर्ज मुकदमें में नामजद थे। इनमें से कई को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजवाया था, जो अब जमानत पर बाहर हैं। वहीं पुलिस ने 54 अन्य उपद्रवियों को चिन्हित किया था और उनका पोस्टर चस्पा कराया था, जो अभी फरार हैं।