शिक्षा विभाग में प्रमाण पत्रों के फर्जीवाड़े से चिकित्सा शिक्षा विभाग भी सर्तक हो गया है। यही वजह है कि विभाग ने मेडिकल कॉलेजों में तैनात डॉक्टरों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन का फैसला लिया है। इसकी जद में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 180 डॉक्टर शिक्षक आएंगे। इस फैसले के बाद से डॉक्टरों में हड़कंप है। इसकी वजह यह है फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले इसके घेरे में आएंगे।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव मार्कंडेय शाही ने इसे लेकर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। जांच के दायरे में सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक आएंगे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की बात करें, तो करीब 180 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होगी।
इनमें सभी विभागों के विभागध्यक्ष और अन्य डॉक्टर शामिल है। बीआरडी प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि निर्देश मिला है। डॉक्टरों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की तैयारी की जा रही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन अपने स्तर से फैसला लेगा।
अनुभव प्रमाणपत्र से लेकर डिग्री तक की होगी जांच
शासन की ओर से सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात सभी डॉक्टरों का विभागवार ब्योरा मांगा गया है। इसमें विभाग का नाम, शिक्षक का नाम, वर्तमान पद नाम, मार्कशीट, सर्टिफिकेट, डिग्री, एमसीआई-डीआईसी सर्टिफिकेट, अनुभव प्रमाणपत्र, नियुक्ति पत्र, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि आदि की जानकारी मांगी गई है।
बैड इंट्री की भी मांगी गई है रिपोर्ट
अनुभव प्रमाणपत्र सहित अन्य सर्टिफिकेट के अलावा शासन की ओर से यह भी जानकारी मांगी गई है कि डॉक्टरों के खिलाफ ड्यूटी के दौरान कोई बैड इंट्री या फिर नौकरी को लेकर कोई टिप्पणी की गई है।