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CBSE: सहयोग से सुधारेंगे पढ़ाई की गुणवत्ता, इस खास ग्रुप के जरिए कार्यशाला-आयोजन तक करेंगे साझा

Sun, 14 Jun 2020 11:45 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • स्कूलों का समूह बनेगा, कार्यशाला-आयोजन तक साझा करेंगे
  • एक ही इलाके में मौजूद पांच-छह विद्यालयों का बनेगा समूह
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social media
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में आपसी सहयोग से पढ़ाई की गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक और अहम कदम उठाया है। अब एक ही इलाके में आने वाले स्कूलों का एक समूह (हब्स ऑफ लर्निंग) बनाने का फैसला लिया गया है।

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इसके अंतर्गत आने वाले सभी स्कूल एक-दूसरे की मदद से विद्यालय के समग्र विकास, विद्वतापूर्ण आलेख, क्विज प्रतियोगिताओं, शिक्षकों के प्रशिक्षण आदि के संयुक्त कार्यक्रमों का आयोजन मिलकर करेंगे। सत्र 2020-21 में नई व्यवस्था लागू होगी। जिले में सीबीएसई बोर्ड से संचालित इस संबंध में 104 विद्यालयों में आदेश पहुंच गया है।

हब्स ऑफ लर्निंग के अंतर्गत बढ़िया रिजल्ट, छात्रों और शिक्षकों के समान अनुपात और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अनोखे तरीकों के आधार पर एक विद्यालय को ग्रुप लीडर की जिम्मेदारी मिलेगी। एक समूह में पांच-छह स्कूल शामिल होंगे।
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ये विद्यालय खुद ही ग्रुप लीडर का चयन कर सकेंगे। अगर सहमति नहीं बनती है तो वे वोटिंग के आधार पर ऐसा कर सकेंगे। इनका कार्यकाल दो साल का होगा। हर समूह को बोर्ड की ओर से पहचान के लिए एक विशेष कोड दिया जाएगा।

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इस दिशा में होगा साझा प्रयास

बेहतरीन काम करने वाले ग्रुप को बोर्ड की ओर से शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम, ई-कंटेंट, हैंडबुक, मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने में मदद ली जाएगी। हर महीने ग्रुप के सदस्यों की दो बैठकें होंगी। इसी दौरान महीने भर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार होगी।

विद्यालयों के निरीक्षण, विस्तार और उच्चीकरण के दौरान इस बात की भी जांच होगी कि विद्यालयों ने पठन-पाठन की व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या सार्थक प्रयास किया। उसके आधार पर उन्हें इसका लाभ मिलेगा।

पाठ्यक्रम विकास, शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम, संसाधन, शिक्षक-कर्मचारियों का आदान-प्रदान, विचारों का आदान-प्रदान, अध्ययन सामग्री, लर्निंग आउटकम, क्विज प्रतियोगिता, प्रोजेक्ट, कला प्रदर्शनी, अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियां, शिक्षा के क्षेत्र में एक-दूसरे की हर संभव मदद, डिजिटल सहयोग, एकेडमिक सहयोग, संयुक्त सेमिनार, कार्यशाला आदि एक-साथ कर सकेंगे।
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