बेहतरीन काम करने वाले ग्रुप को बोर्ड की ओर से शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम, ई-कंटेंट, हैंडबुक, मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने में मदद ली जाएगी। हर महीने ग्रुप के सदस्यों की दो बैठकें होंगी। इसी दौरान महीने भर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार होगी।
विद्यालयों के निरीक्षण, विस्तार और उच्चीकरण के दौरान इस बात की भी जांच होगी कि विद्यालयों ने पठन-पाठन की व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या सार्थक प्रयास किया। उसके आधार पर उन्हें इसका लाभ मिलेगा।
पाठ्यक्रम विकास, शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम, संसाधन, शिक्षक-कर्मचारियों का आदान-प्रदान, विचारों का आदान-प्रदान, अध्ययन सामग्री, लर्निंग आउटकम, क्विज प्रतियोगिता, प्रोजेक्ट, कला प्रदर्शनी, अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियां, शिक्षा के क्षेत्र में एक-दूसरे की हर संभव मदद, डिजिटल सहयोग, एकेडमिक सहयोग, संयुक्त सेमिनार, कार्यशाला आदि एक-साथ कर सकेंगे।