केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ओएएसआईएस पोर्टल पर शिक्षकों का ब्योरा अपलोड नहीं करने वाले स्कूलों को चेतावनी दी है। स्पष्ट किया है कि 10 अप्रैल तक अगर कार्यरत शिक्षकों को ब्योरा ऑनलाइन अपलोड नहीं किया गया तो स्कूल पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने के साथ ही स्कूल के परिणाम को भी रोक दिया जाएगा। इसे संबंध में बोर्ड का आदेश जिले के 117 स्कूलों में पहुंचा है।
आदेश के मुताबिक पोर्टल पर जानकारी अपलोड होने के बाद ही मूल्यांकन में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। इस बार जानकारी अपलोड न होने की वजह से मूल्यांकन प्रभावित न हो, इसके मद्देनजर बोर्ड का फोकस ओएएसआईएस पोर्टल पर जानकारी अपलोड कराने पर है। दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं चार मई से शुरू होंगी जबकि स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
सीबीएसई द्वारा बाहरी परीक्षकों के लिए शिक्षकों की सूची भेजने के तुरंत बाद यह संज्ञान में आया है कि कई शिक्षकों ने विभिन्न कारणों और कोरोना महामारी की वजह से 2020 में इस्तीफा दे दिया है और ऐसे में कई स्कूलों ने संसाधनों की भरपाई के लिए नौवीं से लेकर बारहवीं के शिक्षकों को अधिक कक्षाएं आवंटित की थीं। जिसके कारण कई शिक्षक परीक्षक ड्यूटी के लिए उपलब्ध ही नहीं है।
बाहरी परीक्षकों की अनुपस्थिति में कई स्कूलों ने ऐसे परीक्षक की मौजूदगी में प्रैक्टिकल परीक्षाएं कराई है जो कि सीबीएसई द्वारा नियुक्त नहीं थे। इसके अलावा, ओएएसआईएस में स्कूलों में काम करने वाले सभी शिक्षकों के नाम अपडेट भी नहीं हैं, जिन्हें अपडेट करना अनिवार्य है।