जानकारी के अनुसार जिले में सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए करीब 11 हजार विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ था, जिसमें लगभग 8500 परीक्षार्थी शामिल हुए। पिछले वर्ष जहां 80 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे, वहीं इस बार सफलता प्रतिशत घटकर 78 प्रतिशत रह गया।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम बुधवार को घोषित होते ही गोरक्षनगरी के स्कूलों और घरों में खुशी का माहौल छा गया। दोपहर करीब दो बजे रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र-छात्राएं मोबाइल और लैपटॉप पर अपने अंक देखने में जुट गए।
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कई दिनों से परिणाम का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों के चेहरे अच्छे अंक आते ही खिल उठे। स्कूल परिसरों में मिठाइयां बांटी गईं तो घरों में भी जश्न का माहौल रहा। इस बार भी शहर के मेधावियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
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आरपीएम एकेडमी की संस्कृति गुप्ता और क्रिस किंजल विद्यालय के अभिनंदनेश ने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में अपनी अलग पहचान बनाई। वहीं आरपीएम एकेडमी की उज्ज्वला कुमारी यादव ने 97.8 प्रतिशत और निहाल मौर्या ने 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया।
परिणाम के बाद विद्यालय में छात्रों ने ग्रुप फोटो खिंचवाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिजल्ट जारी होने से पहले सुबह से ही विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजरें सीबीएसई की वेबसाइट पर टिकी रहीं। कोई मोबाइल पर बार-बार पेज रिफ्रेश करता दिखा तो कोई दोस्तों से जानकारी लेता रहा। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, विद्यार्थियों ने सबसे पहले अपने करीबी दोस्तों और शिक्षकों को फोन कर खुशखबरी दी।
इसके बाद स्कूलों में छात्र-छात्राओं का पहुंचना शुरू हो गया। शिक्षकों ने मेधावियों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शहर के कई घरों में पूरे दिन बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। अभिभावकों ने बच्चों की मेहनत और अनुशासन को सफलता का श्रेय दिया। दूसरी ओर कुछ विद्यार्थियों के चेहरे अपेक्षित अंक न आने से मायूस भी दिखे।
78 प्रतिशत रहा परिणाम
जानकारी के अनुसार जिले में सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए करीब 11 हजार विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ था, जिसमें लगभग 8500 परीक्षार्थी शामिल हुए। पिछले वर्ष जहां 80 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे, वहीं इस बार सफलता प्रतिशत घटकर 78 प्रतिशत रह गया।
ग्रुप फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेधावियों से बात...
किताबों को ही अविनंदनेश ने बनाया अपना साथी
क्रिस क्रिंगल स्कूल के छात्र अविनंदनेश अशेष उमर ने सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12वीं परीक्षा में 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। तारामंडल निवासी अविनंदनेश की मां मंजरी गुप्ता गृहिणी हैं, जबकि पिता आशीष उमर सरकारी शिक्षक हैं। अविनंदनेश ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और विद्यालय के शिक्षकों को दिया।
उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई और अनुशासन उनकी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र रहा। अविनंदनेश का कहना है कि उन्होंने किताबों को ही अपना सबसे अच्छा दोस्त बना लिया है और अधिकांश समय अध्ययन में बिताते हैं। उन्हें विभिन्न विषयों की किताबें पढ़ने का विशेष शौक भी है, जिससे उनके ज्ञानवर्धन में मदद मिलती है। भविष्य में अविनंदनेश डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए अब वह नीट परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।
सोशल मीडिया से दूरी बनाकर संस्कृति करेंगी सिविल सर्विस की तैयारी
गोरखपुर। आरपीएम एकेडमी की संस्कृति गुप्ता ने 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होती है। दाउदपुर निवासी संस्कृति इसी सोच के साथ सिविल सर्विस की तैयारी में जुटी हैं। संस्कृति के पिता अशोक कुमार गुप्ता व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां मीरा गुप्ता गृहिणी हैं।
संस्कृति का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में समय का सही उपयोग बेहद जरूरी होता है। यही कारण है कि उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया है। उनका कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से पढ़ाई प्रभावित होती है, इसलिए उन्होंने सीमित उपयोग का रास्ता चुना। संस्कृति का सपना सिविल सर्विस में चयन पाकर समाज और देश की सेवा करना है। उनकी मेहनत और लगन अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई कर हासिल किए 97.8 प्रतिशत अंक
गोरखपुर। आरपीएम एकेडमी की उज्ज्वला कुमारी यादव ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया है। सूरजकुंड निवासी उज्ज्वला की सफलता से घर में खुशी का माहौल है। उनके पिता हरे राम चौधरी विद्यालय में प्रिंसिपल हैं, जबकि मां गौतम देवी गृहिणी हैं। उज्ज्वला ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया है।
उन्होंने बताया कि वह हमेशा टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करती हैं और उसी के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करती हैं। उनका मानना है कि अनुशासन और समय प्रबंधन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उज्ज्वला का सपना सिविल सर्विस में जाकर देश और समाज की सेवा करना है। इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। उनकी मेहनत और लगन अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।