सीबीएसई दसवीं टर्म-1 परीक्षा का प्रश्नपत्र।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से आयोजित दसवीं के टर्म-1 की बोर्ड परीक्षा के आखिरी दिन अंग्रेजी के पेपर में दो सवालों के हिसाब से जवाब के विकल्प तो दे दिए गए, मगर सवाल छापे ही नहीं। इस तरह भारी अव्यवस्था के बीच टर्म-1 की बोर्ड परीक्षा का शनिवार को समापन हो गया।
अंग्रेजी की परीक्षा शुरू होने के बाद, जब विद्यार्थियों के माध्यम से कक्ष निरीक्षक और केंद्राध्यक्षों को सवाल रहित दो जवाबों के बारे में जानकारी हुई तो उनके हाथ पांव फूल गए। आनन- फानन इसकी सूचना जिला कोआर्डिनेटर के साथ रीजनल ऑफिस को दी गई। पूरी परीक्षा के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। कमोवेश ऐसी ही स्थिति 15 नवंबर से शुरू हुई, परीक्षा के हर पेपर में नजर आई। किसी केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट की देरी से पेपर पहुंचे तो सर्वर, इंटरनेट और फोटोकॉपी मशीनों ने भी विद्यार्थियों के साथ साथ केंद्राध्यक्षों का कड़ा इम्तिहान लिया।
12वीं की परीक्षाएं 22 दिसंबर को समाप्त होंगी। पहली बार ओएमआर सीट पर बहुकल्पीय सवालों का जवाब विद्यार्थियों ने दिया तो परीक्षा के दिन ही कॉपियों का मूल्यांकन कार्य भी खत्म हुआ। टर्म-2 की परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित हैं। जिले के 43 केंद्रों पर 15000 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। कोविड प्रोटोकॉल का शतप्रतिशत पालन हुआ। परीक्षा कक्ष में 12 विद्यार्थियों को ही बैठाने के साथ, उनके बीच एक मीटर की दूरी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की गई।
एक घंटे तक गलत उत्तर कुंजी से जंची कॉपियां
सूत्रों के मुताबिक दो दिन पूर्व में आयोजित हिंदी की परीक्षा में गलत उत्तर कुंजी से कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ। एक घंटे तक मूल्यांकन कार्य चलने के बाद जब ज्यादातर विद्यार्थी फेल होते नजर आए तो परीक्षक भी हैरत में पड़ गए। दोबारा बोर्ड से इसकी पुष्टि हुई तो दूसरी उत्तर कुुंजी जारी हुई, जिसके बाद परीक्षकों ने चैन की सांस ली।
सीबीएसई के समन्वयक अजीत दीक्षित ने बताया कि अंग्रेजी विषय के दो सवालों में केवल जवाब और एक सवाल में दो-दो सही जवाब मिलने की शिकायत मिली है। बोर्ड को इससे अवगत कराया गया है। विद्यार्थियों को गलत सवाल के लिए अधिभार की देने की सिफारिश की है।