खास बात यह है कि पहले और दूसरे स्थान के टॉपरों में महज एक मार्क्स का अंतर है। इस बार दसवीं कक्षा का रिजल्ट सबसे अच्छा बताया गया है। ज्यादातर स्कूलों का परीक्षा परिणाम 100 फीसदी है। प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ी है। 90 फीसदी या फिर उससे ज्यादा मार्क्स पाने वाले विद्यार्थियों की तादात अच्छी है।
आरपीएम एकेडमी के 60 विद्यार्थियों को 90 या फिर उससे ज्यादा मार्क्स मिले हैं। कोरोना संकट के बीच विद्यार्थी खुलकर जश्न नहीं मना सके लेकिन मोबाइल फोन पर परीक्षा परिणाम देखने के बाद खुशी से उछल पड़े। कुछ विद्यार्थियों ने स्कूल जाकर जश्न मनाया और अपनी खुशी को शिक्षक, प्रिंसिपल के साथ साझा किया।
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स्कूल एसोसिएशन ऑफ गोरखपुर के अध्यक्ष अजय शाही और मंत्री हेमंत मिश्रा ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी है। पदाधिकारियों का कहना है कि गोरखपुर के विद्यार्थियों का प्रदर्शन शानदार है। सब भविष्य में और अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
दसवीं कक्षा में 98.2 फीसदी मार्क्स हासिल करके संयुक्त रूप से सिटी के टॉपर बनने वाले सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र ने कमाल किया है। रुद्र की बहन रितिका दुबे ने भी दसवीं में 98.2 फीसदी मार्क्स हासिल किए थे। अब रुद्र ने बराबर मार्क्स हासिल करके खुशी का इजहार किया है।
रितिका इस वक्त आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी की 11वीं कक्षा में पढ़ रही हैं। अगले वर्ष 12वीं की परीक्षा देंगी। इस बार रुद्र ने भी आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी में दाखिला ले लिया है। अब भाई-बहन एक स्कूल में पढ़ेंगे।
एबीसी पब्लिक स्कूल: सिटी के सेकेंड टॉपर को 50 हजार का नकद पुरस्कार
एबीसी पब्लिक स्कूल के निदेशक हेमंत मिश्रा ने दसवीं कक्षा में संयुक्त रूप से सिटी के सेकेंड टॉपर प्रीतम को 50 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने का ऐलान किया है। निदेशक का कहना है कि प्रीतम ने स्कूल के साथ ही शहर का मान बढ़ाया है। 500 में से 490 मार्क्स हासिल करने वाले प्रीतम की सफलता से स्कूल परिवार गदगद है। प्रीतम ने मैथमेटिक्स में 100 मार्क्स हासिल किए हैं।
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मुख्य विषयों में प्राप्त अंकों से बनी मेरिट
सीबीएसई दसवीं कक्षा का रिजल्ट निर्धारित फार्मूले से निकाला गया है। इसके मुताबिक मुख्य विषयों (हिंदी, अंग्रेजी, सोशल साइंस, साइंस, मैथ) के मार्क्स ही जोड़े जाते हैं। अतिरिक्त विषयों का नंबर नहीं जोड़ा जाता है। ज्यादातर विद्यार्थी अतिरिक्त विषय के रूप में कंप्यूटर या फिर आईटी लेते हैं, जो स्कोरिंग होते हैं।
स्कूल एसोसिएशन ऑफ गोरखपुर के अध्यक्ष अजय शाही व मंत्री हेमंत मिश्रा के मुताबिक दसवीं कक्षा में नतीजा निर्धारित करने का यही सर्वमान्य फार्मूला है। किसी तरह का कोई कंफ्यूजन सीबीएसई में नहीं होता है। सीआईएससीई में टॉप फोर या फाइव का फार्मूला चलता है। सीबीएसई में नहीं।