कक्षा नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों के पंजीकरण के लिए पांच अक्तूबर तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन की ओर से विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट्स और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वह तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण करा लें।
नौवीं और ग्यारहवीं में पंजीकरण के आधार पर ही विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में शामिल होने का मौका दिया जाता है। अगर दसवीं या बारहवीं में पढ़ने वाला कोई विद्यार्थी इस वर्ष परीक्षा नहीं देता है तो अगले साल वापस उसे नौवीं या ग्यारहवीं में प्रवेश लेना होगा। यानी उसके तीन साल बर्बाद हो जाएंगे।
गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन मंत्री हेमंत मिश्रा ने बताया कि सीबीएसई से संचालित स्कूलों को अपने यहां नामांकित विद्यार्थियों की सूचना हर वर्ष बोर्ड को उपलब्ध करानी होती है। कोविड की वजह से नामांकन की संख्या में पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी गिरावट आई है। एक बार बोर्ड को नामांकित छात्रों की जानकारी देने के बाद उससे अधिक बच्चों को स्कूल में रखना बेहद मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में बच्चों का साल बर्बाद होगा।