गोरखपुर में राष्ट्रीय राज्य मार्ग के लिए अधिग्रहित जमीन में फर्जी अधिग्रहण रिपोर्ट तैयार करने के मामले में कानूनगो, लेखपाल समेत अन्य कई पर केस दर्ज होगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ज्योत्सना यादव ने मामले में सदर तहसील के हल्का लेखपाल राम आशीष प्रसाद, कानूनगो बीर बहादुर, बेलीपार थाना क्षेत्र के जंगल रानी सुहास कुवरी निवासी आशा देवी, शंभूलाल, नंदलाल, किशोर, कैलाशी, बृजलाल, लालबहादुर, सोहन, पारसनाथ व भौवापर निवासी सच्चिदानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश प्रभारी निरीक्षक थाना कैंट को दिया है।
जानकारी के मुताबिक, कोर्ट में बेलीपार थाना क्षेत्र के जंगल रानी सुहास कुवरी निवासी वादी जामवंत की ओर से रविंद्र कुमार सिंह एडवोकेट का कहना था कि वादी के पिता नेबुलाल व अन्य सह खातेदार गाटा संख्या 32 रकबा 316 हेक्टेयर के संक्रमणीय भूमिधर है। उसी जमीन में से 17 हेक्टेयर जमीन राष्ट्रीय राज्य मार्ग 29 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई है।
हल्का लेखपाल राम आशीष प्रसाद, कानूनगो बीर बहादुर ने आशा देवी, शंभूलाल, नंदलाल किशोर कुमार, कैलाशी देवी, बृजलाल, लालबहादुर, सच्चिदानंद, सोहन व पारस के नाम से पैसा लेकर फर्जी अधिग्रहण रिपोर्ट तैयार कर भूमि अधिग्रहण अधिकारी के वहां भेज दी। जबकि लेखपाल व कानूनगो द्वारा 19 जनवरी 2019 को अधिग्रहण सूची तैयार करते समय यह भी ध्यान नहीं दिया गया कि बृजलाल की मृत्यु 1 जनवरी 2019 को हो गई है।