गोरखपुर विश्वविद्यालय पुलिस चौकी पर छात्रों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में मंगलवार दोपहर सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी को लेकर दो छात्र गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट और हंगामा शुरू हो गया। कैंट पुलिस ने स्थिति संभाली और दोनों गुटों को थाने पर लेकर आई। घटना के बाद बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता कैंट थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी की तहरीर पर पुलिस ने छात्र नेता सतीश प्रजापति, उज्जवल सिंह, सत्यम समेत अन्य के विरुद्ध मारपीट, लूट और धमकी देने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने सतीश प्रजापति का शांतिभंग की आशंका में चालान किया है।
छात्रों के गुट में विवाद के बाद
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बताया जा रहा है कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एबीवीपी और छात्र नेता सतीश प्रजापति पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा था। एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी का आरोप है कि कुछ लोग वीडियो पोस्ट कर संगठन के खिलाफ छात्रों को भड़का रहे थे। साथ ही कुछ साथियों पर रुपये लेने के आरोप भी लगाए गए थे। तहरीर में 1068 रुपये और जरूरी दस्तावेज छीनने का भी आरोप लगाया गया है।
प्रशांत त्रिपाठी के मुताबिक, दूसरे पक्ष की ओर से साथियों को धमकियां भी दी जा रही थीं। उनका आरोप है कि मंगलवार को कुछ लोग विश्वविद्यालय में मारपीट करने पहुंचे थे। पुलिस के पहुंचने पर स्थिति नियंत्रित हुई। विवाद के बाद एबीवीपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कैंट थाने पहुंचे। करीब दो घंटे तक थाने में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही।
उन्होंने दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी। इसके बाद सतीश प्रजापति का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया। विवाद के बाद विश्वविद्यालय और आसपास के क्षेत्र में एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट और गतिविधियों पर भी नजर रख रही है ताकि दोबारा विवाद की स्थिति न बने।
विवाद के बाद छात्रों का गुट
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दोनों पक्षों को थाने पर लाकर समझाया गया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सतीश प्रजापति का शांतिभंग में चालान किया गया है: निमिष पाटील, एसपी सिटी