मुंबई हमसफर में बम की सूचना पर अधिकारी जांच करने के लिए पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर से मुंबई जा रही हमसफर एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की सूचना देने वाले मिलन रजक के खिलाफ बुधवार को जीआरपी थाने में सरकारी कामकाज में बाधा, मानव जीव की सुरक्षा खतरे में डालना और सेवन सीएलए एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपी की तलाश में साइबर एक्सपर्ट की मदद भी ली जा रही है। जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है। घर की लोकेशन भी मिल गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बृहस्पतिवार को टीम मुंबई के लिए रवाना होगी।
गत मंगलवार की रात गोरखपुर से मुंबई के लिए रवाना हो रही हमसफर एक्सप्रेस में बम की सूचना मिलन रजक ने दी थी। मिलन ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए रेल मंत्री, पूर्व रेलमंत्री व पीएमओ को टैग किया और लिखा कि हमसफर एक्सप्रेस को एक सप्ताह के लिए निरस्त कर दिया जाए।
आतंकवादियों ने ट्रेन उड़ाने की धमकी दी। इस सूचना के बाद सनसनी फैल गई थी। रात 9:30 बजे रवाना होने वाली ट्रेन यार्ड में खड़ी गई। एक-एक कोच और ट्रेन के निचले हिस्से की जांच के बाद रात 1:05 बजे मुंबई के लिए रवाना हो सकी।
हालांकि, ट्रेन में कुछ नहीं मिला था। इस बीच मिलन रजक ने एक के बाद एक किए गए ट्वीट डिलीट भी कर दिए। इसी का नतीजा रहा कि जीआरपी ने ट्वीट करके ट्रेन में बम की सूचना देने वाले मिलन रजक के खिलाफ बुधवार को केस दर्ज कर लिया।
जीआरपी इंस्पेक्टर उपेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है। साइबर एक्सपर्ट की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। वह मुंबई का रहने वाला है। घर का पता भी मिल चुका है। जल्द ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।