गोरखपुर में रोक के बावजूद पराली जलाने पर कृषि विभाग ने बुधवार को सख्त कार्रवाई की। विभाग ने सिकरीगंज क्षेत्र के बघउर निवासी किसान सत्यनारायण और बढ़यापार निवासी कंबाइन संचालक हरेंद्र यादव के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और प्रदूषण फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराया है।
पराली जलाने के मामले में जिले में इस साल की यह पहली इतनी कड़ी कार्रवाई है। आरोप है कि सत्यनारायण ने कंबाइन से धान की फसल कटवाने के बाद पराली जलाई थी। कोई जान न सके, इसलिए रोटावेटर से खेत की जुताई करा दी थी। उधर, कंबाइन हार्वेस्टर संचालक हरेंद्र यादव ने फसल अवशेष का प्रबंधन करने वाले यंत्र के बिना ही धान की कटाई कर डाली थी। इस कारण फसल का अवशेष खेत में रह गया।
इसकी सूचना उरुवां क्षेत्र में तैनात कृषि विभाग के एडीओ कृषि सिंहासन शुक्ल को मिली तो उन्होंने जांच शुरू की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एडीओ कृषि ने सिकरीगंज थाने में तहरीर दी थी, जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ।
जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि किसान द्वारा किया गया यह पहला अपराध है। एक एकड़ से कम क्षेत्र में है, इसलिए 2500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा कंबाइन मशीन को सीज करने के लिए खजनी एसडीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है।
बड़हलगंज के किसान पर भी मुकदमा दर्ज
पराली जलाने के ही मामले में बड़हलगंज ब्लॉक के फरसाड़ गांव के रहने वाले किसान कमलेश पर भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। उप कृषि निदेशक संजय सिंह ने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाएं, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने को लेकर एनजीटी सख्त है। किसी भी दशा में निर्देशों की अनदेखी करने वाले किसानों को बख्शा नहीं जाएगा।