उरुवा बाजार (गोरखपुर)। सार्वजनिक रास्ता बंद करने की कोशिश के खिलाफ रौजा दरगाह की महिलाओं ने रविवार को उरूवा-धुरियापार मुख्य मार्ग पर धरना देकर विरोध जताया। महिलाएं गांव के सार्वजनिक रास्ते पर गेट लगाकर उसे अवरुद्ध करने का प्रयास रोकना चाहती थीं। पुलिस ने सभी को समझाकर धरना समाप्त करवाया और शांति भंग करने के आरोप में 27 लोगों का चालान किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव का एक व्यक्ति रास्ते पर गेट लगाकर इसे बंद करने का प्रयास कर रहा था, जिससे लगभग 25 घरों के निवासियों का रास्ता बाधित हो जाता। यह मार्ग बगल के गांव मरवटिया, देवराजपार और अन्य गांवों के लोगों के आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग से ताजिया और ईद की नमाज में शामिल होने के लिए लोग आते हैं।
पूर्व में भी आरोपी ने बांस-बल्ली लगाकर रास्ता बंद करने की कोशिश की थी, जिसकी सूचना उपजिलाधिकारी गोला को दी गई थी। निरीक्षण के बाद रास्ता खुलवाया गया था। रविवार की भोर में आरोपी ने दोबारा रास्ते पर गेट लगाना शुरू किया। जानकारी मिलने पर ग्रामीण और महिलाएं मौके पर इकठ्ठा हो गईं और धरने पर बैठ गईं। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष उरुवा श्यामदेव चौधरी ने समझा कर धरना समाप्त करवाया और शांति भंग करने के आरोप में 27 लोगों का चालान किया। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए समझौते के तहत दूसरा पक्ष छह फीट का मार्ग देने के लिए तैयार था, फिर भी कुछ लोग विवाद बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।