अभिषेक ने अपनी गर्भवती पत्नी का चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच कराई थी। इसमें कलर डाप्लर लेवल-टू के अल्ट्रासाउंड भी शमिल थे। सभी लोगों ने बच्चे की रिपोर्ट सामान्य बताई थी। जबबच्चा पैदा हुआ तो उसके एक हाथ नहीं है और सिर भी असामान्य है। इस मामले में मेडिकल बोर्ड ने चारों डॉक्टरों को दोषी माना है। इस मामले में कैंट थाने में लापरवाही और धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि आईएमए ने मेडिकल बोर्ड के गठन की मांग सीएम और डीएम से की है। बोर्ड गठन का फैसला प्रशासन करेगा। रही बात युवक के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की, तो यह पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद है। इस मामले को आईएमए के पदाधिकारियों और सदस्यों के समक्ष रखा जाएगा।