पावर ऑफ अटार्नी पर हो गए कई बैनामे, लोग परेशान
भटहट के डुमरी नंबर दो की जिस 26 एकड़ जमीन को लेकर जांच चल रही है, उसमें से जमीन के कुछ हिस्से का कई लोग बैनामा भी करा चुके हैं। पावर ऑफ अटार्नी लेकर कुछ लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री की है। इसमें से कुछ के नामांतरण भी हो चुके हैं, तो कुछ की फाइलें अटकी हैं। इसी जमीन की कलेक्ट्रेट से सेवानिवृत्त हुए एक कर्मचारी ने भी रजिस्ट्री कराई है, तो वहीं चरगांवा ब्लॉक पर तैनात एक कर्मचारी ने भी जमीन का कुछ हिस्सा रजिस्ट्री कराया है। इसी तरह जमीन खरीदने वाले दूसरे लोगों ने भी तहसील की दौड़ लगानी शुरू कर दी है।
यह है जमीन का मामला
तीन साल पहले तक राजस्व अभिलेखों में जंगर डुमरी नंबर दो की 26 एकड़ जमीन पर कोलकाता के रहने वाले अतुल कृष्ण बनर्जी, केदारनाथ मुखर्जी, शैलेंद्रनाथ मुखर्जी, लक्खी देवी का नाम दर्ज था। प्रशासन को जानकारी हुई कि जमीन का अब कोई वारिस ही नहीं है। जांच कराई गई। लेखपालों की एक टीम कोलकाता भी भेजी गई। तहसील प्रशासन के मुताबिक वहां भी मौके पर कोई नहीं मिला। इसके बाद 2019 में जमीन को लावारिस घोषित करते हुए इसे ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया। बाद में इस जमीन को एक साल के लिए नगर निगम को आवंटित कर दिया गया।
निगम अभी जमीन का उपयोग भी नहीं कर पाया था कि इसे वेटरिनरी कॉलेज के फार्म के लिए आवंटित कर दिया गया। अचानक दो साल बाद 25 मई 2022 को यह जमीन तहसीलदार द्वारा दो मूल खातेदारों के पुत्र होने का दावा करने वालों के नाम वरासत कर दी गई। इसके बाद इसमें से कुछ हिस्सा डीएम ने उद्यान विभाग के नाम कर आवंटित कर दिया। मामला उजागर होने के बाद तहसीलदार द्वारा 29 जुलाई की तिथि में वरासत को निरस्त करने का आदेश सामने आया।
पूछताछ के बाद हटाए गए पेशकार, कानूनगो का बयान दर्ज
गोरखपुर। जांच टीम के पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को पेशकार गिरजेश कुमार का स्थानांतरण गोला तहसील कर दिया गया। सदर तहसीलदार विरेंद्र गुप्ता को बुधवार को ही हटाया जा चुका है।
वहीं मामले में तत्कालीन कानूनगो घनश्याम शुक्ला का बयान दर्ज कर लिया गया है। लेखपाल शैलेष चंद सिंह अभी अवकाश पर हैं। लौटने के बाद उनका भी बयान दर्ज किया जाएगा। जांच टीम में शामिल अपर जिलाधिकारी नगर विनीत सिंह ने बताया कि गिरजेश कुमार का बयान दर्ज करने के बाद डीएम ने उन्हें हटाकर गोला भेज दिया है, जबकि कानूनगो के बयान की समीक्षा की जा रही है। अवकाश से लौटने के बाद लेखपाल का भी बयान लिया जाएगा।