विश्वविद्यालय में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद छात्रों को सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा। इन छात्रों की परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय ने अलग से तैयारी की है। इनकी परीक्षाएं भी अलग कराई जाएंगी और कॉपी को सील कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने इन छात्रों के लिए अस्थायी रोल नंबर भी सुरक्षित कर लिया है।
दरअसल, विश्वविद्यालय ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर 40 छात्रों का प्रवेश निरस्त किया था। इनमें 35 छात्रों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इनमें 21 छात्र पांचवें सेमेस्टर, 14 छात्र तीसरे सेमेस्टर और एक छात्र सातवें सेमेस्टर का शामिल हैं। हाईकोर्ट से मिली राहत के मुताबिक अब छात्रों को 31 जनवरी तक विश्वविद्यालय के समक्ष अपने निर्दोष होने का प्रमाण देना होगा।
इसके लिए सही दस्तावेज कुलसचिव के माध्यम से विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल के सामने प्रस्तुत करना होगा। सोमवार से छात्रों की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही है। सभी छात्र परीक्षाएं देंगे, लेकिन उनका परिणाम तब तक घोषित नहीं किया जाएगा, जब तक वह दस्तावेजों के सहारे खुद को निर्दोष साबित नहीं कर देते। निर्दोष होने के लिए उन्हें आवंटन पत्र और फीस की रसीद प्रस्तुत करनी होगी।